भारत में सरकारी नौकरी का क्रेज क्यों बरकरार? विदेशों से क्यों अलग है युवाओं की सोच

भारत में सरकारी नौकरी आज भी लाखों युवाओं की पहली पसंद बनी हुई है। हर साल सीमित पदों के मुकाबले लाखों उम्मीदवार प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। नौकरी की सुरक्षा, सामाजिक सम्मान, स्थिर आय और बेहतर सुविधाएं सरकारी सेवाओं को आज भी आकर्षक बनाती हैं।

सरकारी सेवाओं की ओर आकर्षित

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में सरकारी नौकरी को केवल रोजगार नहीं, बल्कि एक सुरक्षित और प्रतिष्ठित करियर के रूप में देखा जाता है। आर्थिक अनिश्चितता, निजी क्षेत्र में छंटनी की आशंका और दीर्घकालिक स्थिरता की चाह युवाओं को IAS, PCS, SSC, बैंकिंग, रेलवे और अन्य सरकारी सेवाओं की ओर आकर्षित करती है।

अधिकार और समाज में मिलने वाला सम्मान

सरकारी नौकरी के साथ मिलने वाली सुविधाएं जैसे निश्चित वेतन, पेंशन लागू नियमों के अनुसार, चिकित्सा सुविधाएं, भत्ते, छुट्टियां और कार्य-जीवन संतुलन भी इसकी लोकप्रियता का बड़ा कारण हैं। इसके अलावा प्रशासनिक सेवाओं में अधिकार और समाज में मिलने वाला सम्मान भी युवाओं को प्रेरित करता है।

पहली पसंद का दर्जा

वहीं, अमेरिका, यूरोप और कई अन्य विकसित देशों में स्थिति कुछ अलग है। वहां निजी क्षेत्र अधिक विकसित है और बेहतर वेतन, तेज करियर ग्रोथ तथा नवाचार के अवसर मिलने के कारण बड़ी संख्या में युवा कॉर्पोरेट, स्टार्टअप और रिसर्च जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हैं। सरकारी नौकरी वहां सम्मानजनक मानी जाती है, लेकिन उसे भारत जैसी सामाजिक प्रतिष्ठा या पहली पसंद का दर्जा आम तौर पर नहीं मिलता।

करियर प्राथमिकताओं में बदलाव 

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में सरकारी नौकरी का आकर्षण आने वाले वर्षों में भी बना रह सकता है। हालांकि नई अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप संस्कृति और निजी क्षेत्र में बढ़ते अवसरों के कारण धीरे-धीरे युवाओं की करियर प्राथमिकताओं में बदलाव भी देखने को मिल रहा है।

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Manisha Gupta

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