
छतरपुर: जिला अस्पताल में डॉक्टरों की सूझबूझ और त्वरित उपचार से गर्भवती महिला श्रीमती कृष्णा यादव (उम्र 30 वर्ष) की जान बचाई गई। उनके गर्भ में भ्रूण की मृत्यु हो चुकी थी, जिसके कारण उन्हें अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था और उनकी स्थिति बेहद गंभीर थी।
आपातकालीन परिस्थितियों में किया गया सफल ऑपरेशन
सिविल सर्जन डॉ. शरद चौरसिया ने बताया कि 20 मार्च 2026 को श्रीमती यादव को अस्पताल में भर्ती किया गया। वह गर्भावस्था के तीसरे चरण में थीं और भ्रूण की मृत्यु (आईयूडी) हो चुकी थी, साथ ही उन्हें प्लेसेंटा प्रीविया की भी समस्या थी। उनका रक्त समूह एबी नेगेटिव था, जिसके कारण रक्त प्रबंधन में कठिनाई हो रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, डॉक्टरों ने एबी नेगेटिव रक्त की 1 यूनिट की व्यवस्था कर उन्हें तुरंत आपातकालीन एलएससीएस (लॉस-सीजेरियन सेक्शन) के लिए ले जाया।
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जीवन रक्षक उपाय एवं सहयोग
ऑपरेशन के बाद, श्रीमती यादव को गंभीर प्रसवोत्तर रक्तस्राव (पीपीएच) हुआ। ब्लड बैंक में एबी नेगेटिव रक्त उपलब्ध न होने के कारण, ओ नेगेटिव रक्त की 2 यूनिट का प्रबंध किया गया और रक्त आधान किया गया। पहले 24 घंटों तक उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर बनी रही। इसके बाद, एबी नेगेटिव रक्त की और 1 यूनिट की व्यवस्था की गई और रक्त आधान किया गया। समय पर हस्तक्षेप और बहु-विषयक प्रबंधन से मरीज की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ और अब वह स्थिर है।
कलेक्टर की सराहना एवं धन्यवाद
कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने डॉक्टरों, नर्सिंग ऑफिसर और पूरे स्वास्थ्य अमले को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई दी। श्रीमती यादव और उनके परिजनों ने रक्त समूह की व्यवस्था में सहयोग करने और निगरानी रखने के लिए सम्पूर्ण स्वास्थ्य अमले को धन्यवाद दिया। उन्होंने डॉ. संजय मौर्य (एनेस्थेटिस्ट), ऑपरेशन थिएटर स्टाफ आभा, और हिमांशु चौरसिया को, जिन्होंने तुरंत एबी नेगेटिव ब्लड दान किया, विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।
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