
ब्रांडवाणी डेस्क: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने स्पष्ट किया है कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ उसकी कोई प्रत्यक्ष बातचीत नहीं हुई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि संघर्ष शुरू होने के 31 दिन बीत चुके हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच औपचारिक वार्ता नहीं हुई.
इस्माइल बघई ने बताया कि अमेरिका की ओर से बातचीत के कुछ प्रस्ताव जरूर भेजे गए थे, लेकिन वे सीधे नहीं बल्कि मध्यस्थ देशों के जरिए ईरान तक पहुंचाए गए। इन संदेशों को पहुंचाने वाले देशों में पाकिस्तान का भी नाम सामने आया है। ईरान का कहना है कि जब तक उस पर सैन्य हमले जारी हैं, तब तक वह वार्ता के बजाय अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा पर ध्यान केंद्रित करेगा। प्रवक्ता के अनुसार मौजूदा परिस्थितियों में देश की प्राथमिकता सुरक्षा और रक्षा है।
इस बीच खबरें यह भी सामने आई हैं कि युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका की ओर से कई प्रस्ताव भेजे गए, जिनमें संघर्ष विराम से जुड़े कुछ बिंदु भी शामिल थे, लेकिन ईरान ने इन प्रस्तावों को स्वीकार नहीं किया। इसी बीच क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज बनी हुई हैं और कई देश कूटनीतिक प्रयासों के जरिए संघर्ष को समाप्त करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि फिलहाल सीधे संवाद की संभावना कम दिखाई दे रही है।
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