
वाराणसी/भोपाल: धर्म और संस्कृति की नगरी वाराणसी की गलियों में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी सादगी भरी छवि के साथ सबका दिल जीत लिया। प्रशासनिक व्यस्तताओं और सख्त प्रोटोकॉल को दरकिनार करते हुए, उन्होंने एक आम नागरिक की तरह मिंट हाउस स्थित मशहूर ‘श्रीराम भंडार’ का दौरा किया। यहां उन्होंने बनारस के सुप्रसिद्ध नाश्ते में कचौड़ी, पूरी-राम भाजी और गर्मागर्म जलेबी का भरपूर आनंद लिया।
मुख्यमंत्री की सादगी और जन-संवाद
डॉ. यादव को सड़क किनारे नाश्ता करते देख स्थानीय लोग और दुकानदार चकित रह गए। बिना किसी तामझाम के, उन्होंने वहां मौजूद युवाओं और आम नागरिकों के साथ आत्मीयता से संवाद किया। उन्होंने न केवल लोगों का हाल-चाल जाना, बल्कि बनारस की जीवंत संस्कृति की प्रशंसा भी की।
संस्कृति और खान-पान का संगम
मुख्यमंत्री ने बनारस के स्वाद को भारत की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत का हिस्सा बताते हुए कहा, “स्थानीय स्वाद और पारंपरिक व्यंजन हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं। बनारस का यह स्वाद अद्भुत है, लेकिन यहां के लोगों का अपनत्व उससे भी कहीं अधिक समृद्ध है।”
प्रेरणा का प्रतीक
सत्ता के सर्वोच्च शिखर पर होने के बावजूद डॉ. यादव का जमीन से जुड़ाव युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहा है। बनारस के पारंपरिक व्यंजनों के माध्यम से उन्होंने स्थानीय जन-मानस के दिल में गहरी जगह बनाई। सोशल मीडिया पर उनकी आम जनता के साथ तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसे ‘ब्रांड बिल्डिंग’ और ‘पीपुल-फर्स्ट’ अप्रोच के रूप में देखा जा रहा है।
इंदौर के विश्व प्रसिद्ध 56 बाजार में अपनी पूरी कैबिनेट के साथ आनंद लेने के बाद, उज्जैन में भी सभी खानपान दुकानदार ‘मोहन भैय्या’ ब्रांड के दीवाने हैं।
डॉ. मोहन यादव की यह यात्रा न केवल उनके सरल व्यक्तित्व को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि सही नेतृत्व वही है जो आम आदमी के बीच पहुंचकर उनकी संस्कृति और भावनाओं को अपनाए।
- varanasi-cm-mohan-yadav-desi-style-simplicity











