
बिजनौर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बिजनौर दौरे के दौरान आयोजित कार्यक्रम में कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने गाजियाबाद की हालिया घटना, गोवंश संरक्षण, पाकिस्तान से शासन परिवारों के अधिकार, सीएए, बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदुओं की स्थिति, कानून-व्यवस्था तथा प्रदेश के विकास को लेकर विपक्षी दलों और कुछ मौलाना-मौलवियों पर तीखा हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि गाजियाबाद की घटना में दोस्ती की आड़ में हुई छुरेबाजी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी संतानों को सही संस्कार नहीं दे पा रहे हैं, वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं।
गोमाता पर दिया सख्त संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग कर रहे हैं, जबकि भारतीय संस्कृति में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है। उन्होंने कहा कि माता और पुत्र के संबंध को किसी सरकारी घोषणा की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने स्पष्ट कहा कि गोवंश के प्रति अपमानजनक व्यवहार या गोहत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर गोमाता के चित्र के साथ बकरीद की शुभकामनाएं देने वालों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि गोवंश के प्रति किसी प्रकार की हिमाकत करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
1645 विस्थापित परिवारों को मिला भूमिधरी अधिकार
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान से विस्थापित 1645 परिवारों एवं पूर्व सैनिकों/लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान जिन हिंदू और सिख परिवारों को अपनी जमीन-जायदाद छोड़कर भारत आना पड़ा था, उनकी कई पीढ़ियां अधिकारों की प्रतीक्षा करती रहीं। अब सरकार उन्हें मालिकाना हक प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी 1645 परिवारों को अधिकार पत्र दिए गए हैं और शेष पात्र परिवारों के मामलों में भी कार्रवाई जारी है।
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पाकिस्तान और बांग्लादेश का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदुओं, सिखों, बौद्धों और जैन समुदाय के लोगों के साथ हुए अत्याचारों पर कई मौलाना-मौलवी कभी खुलकर नहीं बोले। उन्होंने आरोप लगाया कि इन देशों में अल्पसंख्यकों की आबादी लगातार घटी है, लेकिन इस पर कोई विरोध दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यदि कोई धार्मिक नेतृत्व वास्तव में संवेदनशील होता तो पाकिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हुए अत्याचारों की भी निंदा करता।
सीएए पर विपक्ष को घेरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) लागू किया गया ताकि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न झेलकर भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समुदाय के लोगों को नागरिकता मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने इस कानून का विरोध किया था, जबकि यह पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए लाया गया था।
कानून-व्यवस्था और पश्चिमी उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धार्मिक आयोजनों और यात्राओं के दौरान अनेक समस्याएं सामने आती थीं, लेकिन अब सरकार की सख्ती के कारण त्योहार शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और महिलाओं, व्यापारियों तथा आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव बढ़ा है।
बिजनौर के विकास का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजनौर में मेडिकल कॉलेज, सड़क, रेलवे और अन्य विकास परियोजनाओं पर तेजी से काम हुआ है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र को भविष्य में गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की भी तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती सहित विभिन्न सरकारी नौकरियों में अब पारदर्शिता है और युवाओं को बिना सिफारिश और भ्रष्टाचार के अवसर मिल रहे हैं।
ब्रह्मोस मिसाइल का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रियों से कहा कि भारत अपनी सुरक्षा के प्रति पूरी तरह सजग है। उन्होंने कहा कि यदि कोई देश भारत की सीमाओं के खिलाफ दुस्साहस करता है तो देश उसके खिलाफ जवाब देने में सक्षम है। इसी संदर्भ में उन्होंने लखनऊ में बन रही ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अपनी सुरक्षा क्षमता लगातार मजबूत कर रहा है।
इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्री भूपेंद्र सिंह, कपिल देव अग्रवाल, सांसद चंदन चौहान, विधायक कुंवर सुशांत सिंह सहित अनेक प्रत्याशी, भाजपाई और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
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