
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें संस्करण के जरिए देशवासियों को संबोधित किया। अपने इस संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश के अधिकांश हिस्सों में जारी भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की और नागरिकों से इससे बचाव के लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरतने की पुरजोर अपील की। इसके साथ ही उन्होंने हाल ही में संपन्न राष्ट्रीय सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता में देश के युवा धावकों द्वारा बनाए गए नए कीर्तिमानों की सराहना की, नीदरलैंड से भारत वापस आई चोल काल की ऐतिहासिक धरोहरों का जिक्र किया और देश के विभिन्न हिस्सों में समाज द्वारा चलाई जा रही जल संरक्षण व जनकल्याणकारी पहलों को रेखांकित किया।
देश में भीषण गर्मी का प्रकोप, पीएम ने दी स्थानीय पारंपरिक पेय पदार्थ अपनाने की सलाह
देशभर में पड़ रही रिकॉर्डतोड़ गर्मी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “इस समय देश के अधिकांश हिस्सों में बहुत तेज गर्मी पड़ रही है। तेज धूप और गर्म हवाओं के इस मौसम में अपनी सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।” उन्होंने जनता को लगातार हाइड्रेटेड रहने (शरीर में पानी की कमी न होने देने) और सरकार द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन करने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने भारत की समृद्ध स्थानीय परंपराओं की प्रशंसा करते हुए आम पन्ना, लस्सी, छाछ (बटरमिल्क), सत्तू का शरबत, कोकम शरबत और सोल कढ़ी जैसे पारंपरिक घरेलू पेयों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये सभी पेय पदार्थ हमारे स्थानीय रीति-रिवाजों और पीढ़ियों के अनुभव का अनूठा परिणाम हैं, जो इस मौसम में सेहत को दुरुस्त रखते हैं। गौरतलब है कि पीएम मोदी का यह बयान उन महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकों के बाद आया है, जिसमें उन्होंने खुद केंद्रीय कैबिनेट और अधिकारियों के साथ देश में हीटवेव के हालातों से निपटने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की थी।
रांची एथलेटिक्स में टूटे नेशनल रिकॉर्ड, भारतीय स्प्रिंटर्स ने रचा नया इतिहास
खेल जगत की उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने रांची में आयोजित नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता में राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने वाले एथलीटों को बधाई दी। उन्होंने विशेष रूप से पुरुषों की 100 मीटर रेस का मुख्य रूप से उल्लेख किया, जहां महज दो दिनों के भीतर देश के दो बेहतरीन स्प्रिंटर्स गुरिंदर वीर सिंह और अनिमेष कुजूर ने तीन बार राष्ट्रीय रिकॉर्ड को ध्वस्त किया। एथलीटों के साथ हुई अपनी बातचीत का हवाला देते हुए पीएम ने बताया कि इन धावकों ने उस पुरानी धारणा और संदेह को पूरी तरह से पीछे छोड़ दिया है कि भारतीय खिलाड़ी स्प्रिंटिंग (तेज दौड़) में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते।
नीदरलैंड से चोल काल के 24 ताम्रपत्र लौटे भारत, छत्तीसगढ़ के मल्हार में भी हुई ऐतिहासिक खोज
सांस्कृतिक धरोहरों की पुनर्प्राप्ति पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने अपनी हालिया नीदरलैंड यात्रा का विशेष रूप से उल्लेख किया, जहां चोल काल के 24 प्राचीन ताम्रपत्र आधिकारिक तौर पर भारत को सौंपे गए। इन ऐतिहासिक पुरावशेषों में 21 बड़े और 3 छोटे ताम्रपत्र शामिल हैं, जिनकी वापसी से भारत के इतिहास प्रेमियों और वैश्विक तमिल समुदाय के बीच भारी उत्साह का माहौल है। इसके अलावा उन्होंने छत्तीसगढ़ के मल्हार में ज्ञान भारतम अभियान के तहत हुई एक और महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोज की जानकारी दी, जहां जमीन के नीचे से 1,400 से 1,500 वर्ष पुराने तीन प्राचीन ताम्रपत्र बरामद किए गए हैं।
गंगा डॉल्फिन का सफल रेस्क्यू और यूपी-गोवा में नदी पुनरुद्धार की सामुदायिक पहल
पर्यावरण और जीव संरक्षण के मोर्चे पर प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश में हाल ही में चलाए गए एक बेहद जटिल रेस्क्यू ऑपरेशन की सराहना की, जिसमें एक नहर में फंसी गांगेय डॉल्फिन को करीब 13 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बचा लिया गया। उन्होंने इस ऑपरेशन में नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत विकसित की गई देश की पहली ‘गंगा डॉल्फिन रेस्क्यू एंबुलेंस’ की महत्वपूर्ण भूमिका को सराहा। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश में मनोरमा नदी के पुनरुद्धार के लिए किए जा रहे सामुदायिक प्रयासों और गोवा के कुछ हिस्सों में जल संकट को दूर करने के लिए स्थानीय लोगों द्वारा किए गए जल प्रबंधन कार्यों की भी सराहना की।
सैनिकों के लिए बच्चों ने जुटाए 40 लाख, देश के आम बागवानों को बताया कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़
संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने तमिलनाडु की शिक्षिका गिरिजा अम्मा के प्रेरक प्रयास की जमकर तारीफ की, जिनके स्कूल नेटवर्क के बच्चों ने अपनी छोटी-छोटी बचतों के माध्यम से देश के वीर सैनिकों की सहायता के लिए करीब 40 लाख रुपये की राशि एकत्रित की है। गर्मियों के मौसम पर दोबारा लौटते हुए उन्होंने भारत के आम (मैंगो) सीजन का जिक्र किया और कहा कि गर्मियों में हर भारतीय घर में आम पर चर्चा होना आम बात है। उन्होंने कहा, “हर क्षेत्र का अपना एक खास आम है, उसका अपना अलग स्वाद है और अपनी एक अनोखी खुशबू है। जैसे-जैसे जगह बदलती है, आम का रूप, रंग और स्वाद भी बदल जाता है।” उन्होंने देश के आम उत्पादक किसानों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय आम अब तेजी से वैश्विक बाजारों में अपनी धाक जमा रहा है। उन्होंने किसानों को प्रेरित करते हुए कहा, “आप लोग सिर्फ साधारण किसान नहीं हैं, बल्कि देश की पूरी कृषि अर्थव्यवस्था के लिए बेहद विशेष और महत्वपूर्ण हैं।” अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों से सामाजिक कार्यों में निस्वार्थ भाव से जुटे लोगों को पहचानने और उन्हें पूरा सहयोग देने का आग्रह किया, क्योंकि ऐसे सामूहिक प्रयास ही यह दर्शाते हैं कि देश अपनी जनशक्ति के बल पर लगातार आगे बढ़ रहा है।
- pm-narendra-modi-134th-mann-ki-baat-heatwave-precautions-chola-artefacts-sports










