
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी में आयोजित दून बुक फेस्टिवल में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न विद्यालयों और प्रकाशकों द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने छात्रों को किताबें बेचकर पढ़ाई और ज्ञान के प्रति प्रेरित किया। मुख्यमंत्री धामी ने लोगों से अपील की कि किसी भी समारोह में बुके या अन्य उपहार देने की बजाय किताबें और पौधे लगाने की परंपरा को अपनाया जाए।
उन्होंने कहा कि इससे ज्ञान का प्रसार होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पावन भूमि सदियों से ज्ञान, साहित्य और संस्कृतियों की धरोहर रही है। यहां की गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी जैसी क्षेत्रीय भाषाएं, लोकगीत, लोककथाएं और लोककला राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड ने कई महान साहित्यकारों को जन्म दिया है, जिन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से क्षेत्रीय भाषाओं के साथ-साथ भारतीय साहित्य को भी समृद्ध किया है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल और आचार्य बालकृष्ण सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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