
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी और उनके राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के बीच चल रहे विवाद ने शनिवार को एक नया मोड़ ले लिया। पार्टी से राज्यसभा में डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद, चड्ढा ने वीडियो बयान जारी कर पार्टी के आरोपों का जवाब दिया और कहा कि वे “घायल हैं इसलिए घातक हैं।” राघव चड्ढा ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य संसद में हंगामा करना नहीं, बल्कि मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाना है। उन्होंने कहा कि संसद करदाताओं के पैसों से चलती है और उनका इरादा जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने का है, न कि माइक तोड़ने या शोर-शराबा करने का।
आम आदमी पार्टी ने चड्ढा पर तीन आरोप लगाए थे, जिन्हें उन्होंने “सफेद झूठ” करार दिया। पार्टी का दावा था कि चड्ढा विपक्ष के वॉकआउट का समर्थन नहीं करते, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए, और जनता के मुद्दे उठाने से बचते हैं।इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए चड्ढा ने कहा कि राज्यसभा में लगे सीसीटीवी फुटेज से यह स्पष्ट हो सकता है कि उन्होंने विपक्ष के वॉकआउट का समर्थन किया या नहीं।
उन्होंने यह भी बताया कि महाभियोग प्रस्ताव पर आम आदमी पार्टी के 10 राज्यसभा सांसदों में से 6 ने भी हस्ताक्षर नहीं किए, क्योंकि प्रस्ताव के लिए 50 सांसदों के हस्ताक्षर ही पर्याप्त होते हैं। चड्ढा ने नरेंद्र मोदी सरकार से डरने के आरोप को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने पंजाब के पानी के मुद्दे, दिल्ली के प्रदूषण, टैक्स से जुड़े सवाल और महिलाओं के मासिक स्वास्थ्य जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों को राज्यसभा में उठाया है।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि उनके खिलाफ फैलाए जा रहे झूठ को वे लगातार उजागर करते रहेंगे।
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