
सागर: शनिवार शाम को सागर जिले में मौसम ने ग्रामीणों के लिए आपदा का रूप ले लिया, जबकि शहरवासियों के लिए थोड़ी राहत लेकर आया। जैसे ही शाम करीब 6 बजे आसमान में काले बादल छाए, तेज गरज और गड़गड़ाहट के साथ बारिश और ओलावृष्टि शुरू हो गई। कुछ क्षेत्रों में चने और बेर के आकार के ओले गिरे, जिससे खेतों में खड़ी फसल और खुले में रखी गेहूं की बालियां बुरी तरह प्रभावित हुईं।
जैसीनगर, बिलहरा, गौरझामर और केसली तहसील के गांवों में ओलों ने खेतों को तहस-नहस कर दिया। जिन किसानों ने गेहूं देर से बोया था, उनकी फसल खेतों में बिखर गई। कटाई कर खलिहानों में रखी फसल भी ओलों और पानी से खराब हो गई। किसानों के लिए यह मौसम भारी आर्थिक और मानसिक चोट साबित हुआ है।शहरवासियों को हालांकि बारिश से राहत मिली। तपती धूप और उमस के बाद ठंडी हवाओं ने वातावरण को सुहावना बना दिया। बाजार और सड़कें भी बारिश से गीली हो गईं, लेकिन आमजन ने इसका स्वागत किया।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले दो दिन मौसम का मिजाज इसी प्रकार का रह सकता है। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि कटाई की गई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखा जाए और यदि संभव हो तो ओलों से बचाव के लिए छाया या ढकाव का इंतजाम किया जाए। इस बार मौसम ने शहरवासियों को राहत दी, लेकिन ग्रामीण इलाकों में किसानों की मेहनत और आमदनी पर गहरा असर पड़ा है।
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