
बिजुरी/अनूपपुर: अनूपपुर जिले के कोतमा वन परिक्षेत्र के मलगा बीट में इन दिनों बड़े पैमाने पर अवैध कोयला खनन की गतिविधियां सामने आ रही हैं। आरोप है कि पनही बूड़ा नदी के तटीय इलाके में खनन माफिया सक्रिय हैं और जंगल क्षेत्र से रोजाना भारी मात्रा में कोयला निकालकर ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रकों के जरिए बाहर भेजा जा रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रात के अंधेरे में जंगल के भीतर असुरक्षित खदानें खोदकर कोयला निकाला जाता है। इन खदानों में सुरक्षा के कोई मानक नहीं होते, जिससे मजदूरों की जान जोखिम में रहती है। निकाले गए कोयले को आसपास के ईंट भट्टों और अन्य स्थानों तक पहुंचाया जाता है।ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध खनन से शासन को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है। वहीं जंगलों में बेतरतीब खुदाई के कारण हरियाली तेजी से नष्ट हो रही है और मिट्टी का कटाव बढ़ने से नदी के प्राकृतिक स्वरूप पर भी खतरा मंडरा रहा है।
ये भी पढ़े – अनूपपुर: कोतमा में अग्रवाल लॉज गिरने की घटना पर प्रशासनिक कार्रवाई पर उठे सवाल
खनन गतिविधियों से उत्पन्न शोर और लगातार मानवीय हस्तक्षेप के कारण क्षेत्र के वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास भी प्रभावित हो रहा है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका बढ़ने लगी है।ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई। इस कारण प्रशासन और वन विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
इस मामले में रामनगर वन परिक्षेत्र के डिप्टी रेंजर महिपाल सिंह ने कहा कि बीट गार्डों को लगातार गश्त के निर्देश दिए गए हैं और यदि अवैध परिवहन करते हुए कोई वाहन मिलता है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी बीट गार्ड की भूमिका संदिग्ध पाई गई तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
वहीं सुमित कौशिक ने बताया कि अवैध खनन की सूचना पुलिस को भी मिली है। जल्द ही वन विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण किया जाएगा और अवैध उत्खनन में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने और क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। फिलहाल मलगा बीट में जारी यह गतिविधि पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक जवाबदेही दोनों के लिए बड़ी चुनौती बनती नजर आ रही है।
ये भी पढ़े – अनूपपुर जिले की राजनीति में वायरल वीडियो से बवाल, रामजी ‘रिंकू’ मिश्रा पर लगे आरोप
- anooppur-kotma-illegal-coal-mining-environmental-crisis











