छतरपुर में जल संकट के चलते बड़ा फैसला, 15 जुलाई तक जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित

छतरपुर में संभावित जल संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने पूरे जिले को 15 जुलाई 2026 तक जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया है। यह निर्णय ग्रीष्म ऋतु में घटती जल उपलब्धता और पेयजल संकट की आशंका को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि आम जनता को पर्याप्त पानी मिल सके।

सख्त नियम लागू, ट्यूबवेल खुदाई पर रोक

प्रशासन द्वारा लागू आदेश के तहत अब बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के नलकूप या ट्यूबवेल का खनन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। केवल विशेष परिस्थितियों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की लिखित अनुमति से ही नलकूप खुदाई की जा सकेगी। इसके अलावा हैंडपंप या ट्यूबवेल के 150 मीटर के दायरे में नया जल स्रोत बनाने पर भी रोक लगा दी गई है, ताकि भूजल स्तर को संतुलित रखा जा सके।

पानी का उपयोग सीमित, सख्त निगरानी

प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि पेयजल स्रोतों का उपयोग केवल पीने और घरेलू जरूरतों के लिए ही किया जाएगा। सिंचाई या व्यावसायिक कार्यों में पानी का उपयोग बिना अनुमति के पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। निस्तारी तालाबों के पानी का उपयोग भी अब खेती या व्यापारिक गतिविधियों के लिए नहीं किया जा सकेगा।

क्यों जरूरी पड़ा यह फैसला?

इस वर्ष औसत वर्षा कम होने के कारण जिले में जल स्रोतों की उपलब्धता घटने की आशंका जताई गई है। ऐसे में गर्मी के मौसम में पेयजल संकट गहरा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते ऐसे कदम उठाना जरूरी है, ताकि जल संकट को नियंत्रित किया जा सके।

छतरपुर में जल संकट को देखते हुए लिया गया यह फैसला प्रशासन की सतर्कता को दर्शाता है।

ब्यूरो रिपोर्ट: अमित 

यह भी पढ़े: छतरपुर में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई, 25 लोगों पर 16 लाख से ज्यादा जुर्माना

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Srota Swati Tripathy

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