
बुरहानपुर के रास्तीपुरा पुराने नाका क्षेत्र में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। स्थानीय रहवासियों ने मंदिरों और स्कूल के पास दुकान खोलने के फैसले का विरोध करते हुए प्रशासन से इसे तुरंत रद्द करने की मांग की है। यह मामला अब केवल एक दुकान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सुरक्षा, संस्कृति और सामाजिक माहौल से जुड़ा मुद्दा बन गया है।
मंदिर-स्कूल के पास दुकान पर बवाल
जिस स्थान पर शराब दुकान प्रस्तावित है, वहां से महज 50 से 100 मीटर की दूरी पर कई प्रमुख मंदिर स्थित हैं। इसके अलावा पास ही स्कूल और कॉलेज का बस स्टॉप भी है, जहां रोजाना छात्र-छात्राएं और महिलाएं बड़ी संख्या में आती-जाती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में धार्मिक आयोजन भी होते हैं, जिससे यह स्थान संवेदनशील बन जाता है।
महिलाओं और रहवासियों की चिंता
स्थानीय महिला रामकुंवर महाजन ने कहा कि इस इलाके में सुबह-शाम महिलाएं और बच्चे मौजूद रहते हैं। ऐसे में शराब दुकान खुलने से असामाजिक गतिविधियों के बढ़ने का खतरा है। रहवासियों का मानना है कि इससे क्षेत्र का माहौल खराब होगा और सुरक्षा पर भी असर पड़ेगा।
धार्मिक और सामाजिक भावनाओं का सवाल
नवरात्रि और गणेश उत्सव जैसे अवसरों पर इसी स्थान पर बड़े धार्मिक आयोजन होते हैं। इस दौरान हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, जिससे यह क्षेत्र आस्था का केंद्र बन जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ व्यापार का मामला नहीं, बल्कि धार्मिक भावनाओं से जुड़ा विषय है।
प्रशासन पर बढ़ा दबाव
स्थानीय लोगों ने कलेक्टर और आबकारी विभाग को आवेदन देकर इस प्रस्ताव को रद्द करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। अब सभी की नजर प्रशासन के फैसले पर टिकी है।
बुरहानपुर में शराब दुकान को लेकर उठे इस विवाद ने सामाजिक और प्रशासनिक संतुलन का बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
ब्यूरो रिपोर्ट:राजवीर सिंह राठौड़यह भी पढ़े: बुरहानपुर में रेलवे विस्तार से 250 परिवारों पर संकट, पुनर्वास की मांग
- burhanpur-liquor-shop-protest











