
जनपद|बाड़ी: जनपद पंचायत बाड़ी क्षेत्र से एक सकारात्मक और प्रेरणादायक पहल सामने आई है। जनपद पंचायत बाड़ी के ग्राम गूगल वाड़ा में जनभागीदारी से किया जा रहा है पुरातात्विक तलाव की साफ-सफाई और मरम्मत कार्य, जो जल संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। जल गंगा संवर्धन अभियान एवं जल संचय जन भागीदारी अभियान-2026 के तहत शुरू हुई इस पहल में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मिलकर श्रमदान किया और तालाब को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया।
श्रमदान से शुरू हुआ बदलाव
ग्राम गूगलवाड़ा में वर्षों पुराने तालाब की स्थिति खराब हो चुकी थी। गाद जमने और सफाई के अभाव में तालाब की जलधारण क्षमता लगातार कम हो रही थी। ग्रामीणों ने मिलकर झाड़ियां साफ कीं, कचरा हटाया और तालाब को फिर से उपयोगी बनाने की दिशा में काम शुरू किया। इस अभियान में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी देखने को मिली, जिससे यह एक जन आंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका
इस अभियान में जनपद पंचायत के अधिकारी और कर्मचारी भी सक्रिय रूप से शामिल रहे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी दानिश अहमद खान, सहायक यंत्री अभिलाषा बंसल सहित अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कार्य का निरीक्षण किया। ग्राम पंचायत के सरपंच और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी ग्रामीणों को प्रेरित किया और अभियान को सफल बनाने में योगदान दिया।
30 जून तक पूरा करने का लक्ष्य
ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया है कि 30 जून तक तालाब की पूरी सफाई और मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस दौरान सभी ने जल संरक्षण की शपथ भी ली और भविष्य में जल स्रोतों को बचाने के लिए जागरूक रहने का संकल्प लिया। यह पहल न केवल पानी की समस्या को कम करेगी, बल्कि गांव के पर्यावरण को भी बेहतर बनाएगी।
क्यों जरूरी है जल संरक्षण
ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। ऐसे में तालाब, कुएं और अन्य जल स्रोतों का संरक्षण बेहद जरूरी हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इसी तरह जनभागीदारी से काम होता रहा, तो जल संकट से काफी हद तक निपटा जा सकता है।
गूगलवाड़ा का यह अभियान एक मिसाल बनकर सामने आया है, जहां लोग खुद अपने संसाधनों को बचाने के लिए आगे आए हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट: दीपक श्रीवास्तवयह भी पढ़े:भोपाल मौलाना आज़ाद लाइब्रेरी में 250 नई पुस्तकों की लॉन्चिंग
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