
दादी की शादी मूवी रिव्यू में पारिवारिक भावनाओं, हल्के हास्य और रिश्तों की गर्माहट को बेहद सरल तरीके से दिखाने की कोशिश की गई है। फिल्म में नीतू कपूर और कपिल शर्मा की जोड़ी दर्शकों का ध्यान खींच रही है। खास बात यह है कि फिल्म भावनात्मक कहानी के साथ आधुनिक सोशल मीडिया संस्कृति को भी जोड़ती है।
नीतू कपूर ने संभाली पूरी फिल्म
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत नीतू कपूर का अभिनय है। उन्होंने एक ऐसी महिला का किरदार निभाया है जो जीवन के इस पड़ाव पर दोबारा शादी करना चाहती है। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस हर सीन में असर छोड़ती है। भावनात्मक दृश्यों में भी उनका अभिनय बेहद स्वाभाविक लगता है। फिल्म में रिश्तों की जटिलताओं को हल्के अंदाज में दिखाया गया है। परिवार के भीतर बदलती सोच, समाज की प्रतिक्रिया और नई शुरुआत जैसे विषयों को कहानी में शामिल किया गया है।
कपिल शर्मा इस बार अपने पुराने कॉमिक अंदाज से थोड़ा अलग दिखाई देते हैं। उन्होंने सीमित हास्य और नियंत्रित अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया है। कई जगह उनका शांत अभिनय कहानी को संतुलित बनाता है। फिल्म में रिद्धिमा कपूर की मौजूदगी भी दर्शकों को भावुक करती है। असल जिंदगी की मां-बेटी की जोड़ी स्क्रीन पर अपनापन महसूस कराती है। वहीं सादिया खातिब ने भी अपने किरदार के साथ न्याय किया है।
कहानी में भावनाएं ज्यादा, गति थोड़ी धीमी
निर्देशक आशीष आर मोहन ने फिल्म को पारिवारिक मनोरंजन की तरह पेश किया है। कहानी सोशल मीडिया से शुरू होकर परिवार और रिश्तों के इर्द-गिर्द घूमती है। एक छोटी सी घटना पूरे परिवार की जिंदगी बदल देती है और वहीं से कहानी नया मोड़ लेती है। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी और लोकेशन अच्छे लगते हैं। कैमरा वर्क साधारण लेकिन प्रभावी है। बैकग्राउंड संगीत कई दृश्यों में भावनाओं को मजबूत बनाता है। हालांकि फिल्म की गति कुछ जगह धीमी महसूस होती है, जिससे दर्शकों का ध्यान थोड़ा भटक सकता है।
निर्देशन में सादगी दिखाई देती है। फिल्म बड़े ड्रामे या भारी एक्शन की जगह भावनात्मक जुड़ाव पर ज्यादा भरोसा करती है। यही वजह है कि यह फिल्म हर वर्ग के दर्शकों को जोड़ने की कोशिश करती है। कहानी में कुछ ट्विस्ट जरूर हैं, लेकिन वे बहुत चौंकाने वाले नहीं लगते। फिर भी फिल्म अपने भावुक पलों और पारिवारिक माहौल की वजह से जुड़ी रहती है।
दादी की शादी एक हल्की-फुल्की पारिवारिक फिल्म है, जो रिश्तों, भावनाओं और नई शुरुआत की बात करती है। नीतू कपूर का अभिनय फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आता है, जबकि कपिल शर्मा अपने बदले हुए अंदाज से प्रभावित करते हैं। अगर आप पारिवारिक और भावनात्मक कहानियां पसंद करते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए अच्छा विकल्प साबित हो सकती है।
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