इजरायल में हंतावायरस की दस्तक से हड़कंप, क्रूज शिप पर पहला मामला, वैश्विक स्तर पर बढ़ी चिंता

इजरायल| हंतावायरस को लेकर वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई, जब इजरायल में इस वायरस के पहले मामले की पुष्टि हुई। हंतावायरस संक्रमण से संक्रमित मरीज हाल ही में पूर्वी यूरोप की यात्रा से लौटा था। इसी बीच ‘एमवी होंडियस’ क्रूज शिप पर फैले खतरनाक एंडीज स्ट्रेन ने दुनिया भर के स्वास्थ्य विभागों को सतर्क कर दिया है। इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मामले की पुष्टि करते हुए मरीज को निगरानी में रखा है।

इजरायल में पहला मामला, स्वास्थ्य विभाग सतर्क

इजरायल में सामने आया यह मामला स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर संकेत माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार मरीज में बुखार और शरीर दर्द जैसे शुरुआती लक्षण दिखाई दिए थे। बाद में पीसीआर और एंटीबॉडी जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मरीज की हालत फिलहाल स्थिर है और उसे गहन चिकित्सा की जरूरत नहीं पड़ी है। हालांकि डॉक्टर लगातार उसकी निगरानी कर रहे हैं। सुरक्षा कारणों से मरीज की पहचान और उसके निवास की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह वायरस आमतौर पर संक्रमित चूहों के संपर्क में आने से फैलता है। दूषित हवा में सांस लेने या संक्रमित अवशेषों के संपर्क में आने से भी संक्रमण हो सकता है। शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसे लगते हैं, लेकिन गंभीर स्थिति में यह फेफड़ों और श्वसन तंत्र को प्रभावित कर सकता है। स्वास्थ्य एजेंसियां लोगों को साफ-सफाई बनाए रखने, बंद स्थानों में चूहों की मौजूदगी पर ध्यान देने और यात्रा के दौरान सतर्क रहने की सलाह दे रही हैं।

क्रूज शिप पर फैले एंडीज स्ट्रेन से बढ़ी चिंता

इजरायल में मिले मामले के साथ ही ‘एमवी होंडियस’ क्रूज शिप पर फैले वायरस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। इस जहाज पर अब तक कई लोग संक्रमित पाए गए हैं और तीन यात्रियों की मौत हो चुकी है। विशेषज्ञों ने बताया कि इजरायल में पाया गया वायरस यूरोपीय स्ट्रेन का है, जबकि क्रूज शिप पर फैला एंडीज स्ट्रेन ज्यादा खतरनाक माना जाता है। एंडीज स्ट्रेन की सबसे बड़ी चिंता यह है कि इसमें सीमित रूप से इंसान से इंसान में संक्रमण फैलने की क्षमता पाई जाती है।
World Health Organization सहित कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां उन यात्रियों का पता लगाने में जुटी हैं, जो जहाज से पहले उतर चुके थे। इसका उद्देश्य संक्रमण को आगे फैलने से रोकना है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया को महामारी के बाद अब नए वायरस संक्रमणों के प्रति और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। यात्रा और वैश्विक संपर्क बढ़ने के कारण ऐसे संक्रमण तेजी से अलग-अलग देशों तक पहुंच सकते हैं।

इजरायल में हंतावायरस का पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। हालांकि मरीज की स्थिति स्थिर बताई जा रही है, लेकिन क्रूज शिप पर फैले खतरनाक एंडीज स्ट्रेन ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते सावधानी और निगरानी ही इस तरह के संक्रमण को नियंत्रित करने का सबसे प्रभावी तरीका है।

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Srota Swati Tripathy

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