
पूर्वी भारत में स्थित पश्चिम बंगाल के नाम में ‘पश्चिम’ शब्द होने को लेकर अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है। आखिर जब राज्य भारत के पूर्वी हिस्से में मौजूद है, तो इसके नाम में ‘पश्चिम’ क्यों जुड़ा है, दरअसल, इसके पीछे देश के विभाजन से जुड़ा बड़ा ऐतिहासिक कारण है।
भारत के विभाजन के दौरान
साल 1947 में भारत के विभाजन के दौरान बंगाल को धर्म के आधार पर दो हिस्सों में बांटा गया था। मुस्लिम बहुल पूर्वी हिस्सा ईस्ट बंगाल कहलाया, जो बाद में बांग्लादेश बनने से पहले ईस्ट पाकिस्तान बना। वहीं हिंदू बहुल पश्चिमी हिस्सा भारत में शामिल हुआ और उसका नाम पश्चिम बंगाल रखा गया।
राज्य का नाम पश्चिम बंगाल ही बना रहा
इतिहासकारों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल नाम उस समय भौगोलिक दिशा से ज्यादा विभाजन के बाद बने पश्चिमी हिस्से की पहचान को दर्शाता था। बाद में ईस्ट बंगाल, ईस्ट पाकिस्तान और फिर बांग्लादेश बन गया, लेकिन भारत का हिस्सा बने राज्य का नाम पश्चिम बंगाल ही बना रहा।
केंद्र सरकार से नाम बदलने की मांग
बीते कुछ वर्षों में राज्य का नाम बदलकर बांग्ला या पश्चिम बांग्ला करने की मांग भी उठती रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कई बार केंद्र सरकार से नाम बदलने की मांग कर चुकी हैं।
आज भी यह सवाल लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहता है कि पूर्व में स्थित होने के बावजूद राज्य के नाम में पश्चिम क्यों है, लेकिन इसका जवाब सीधे तौर पर भारत विभाजन के इतिहास से जुड़ा हुआ है।
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