
सीहोर: नादान क्षेत्र में स्थित लोक निर्माण विभाग (PWD) का सरकारी विश्राम गृह अब बदहाली की स्थिति में पहुंचकर लगभग खंडहर में तब्दील हो चुका है। कभी वीआईपी और विशिष्ट अतिथियों के ठहरने के लिए उपयोग में आने वाला यह भवन अब पूरी तरह उपेक्षा का शिकार है।
इस विश्राम गृह में कभी कई बड़े राजनेता, प्रशासनिक अधिकारी, फिल्मी हस्तियां और अन्य विशिष्ट लोग ठहर चुके हैं। ऐतिहासिक रूप से भी इस स्थान का महत्व रहा है, जहां ब्रिटिश काल के प्रशासनिक अधिकारियों की आवाजाही का उल्लेख मिलता है। लेकिन वर्तमान में स्थिति यह है कि भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है और यहां ठहरने की कोई व्यवस्था नहीं बची है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लाखों रुपये की सरकारी संपत्ति, जिसमें फर्नीचर और अन्य सामग्री शामिल थी, धीरे-धीरे गायब हो चुकी है।
इसके अलावा परिसर में लगे पेड़-पौधे और फेंसिंग भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। देखरेख के अभाव में पूरा परिसर अव्यवस्थित स्थिति में पहुंच गया है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि रखरखाव न होने के कारण यह स्थान अब असामाजिक गतिविधियों का केंद्र भी बनता जा रहा है, जिससे सुरक्षा और व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
लोगों ने लोक निर्माण विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो यह ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व वाला स्थल पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
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