
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछड़ा वर्ग से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निस्तारण में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने सितंबर 2024 से अप्रैल 2026 के बीच प्राप्त कुल शिकायतों में से 87 प्रतिशत से अधिक मामलों का समाधान किया है। आयोग के आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में कुल 3394 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 2962 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। इनमें जाति प्रमाण पत्र, आरक्षण, छात्रवृत्ति और शैक्षणिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इसके अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग की अनुसूची-एक में जातियों के सम्मिलन, निष्कासन और संशोधन से संबंधित 324 प्रत्यावेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 307 मामलों का निस्तारण किया गया है। आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार पिछड़ा वर्ग के लोगों को शीघ्र और प्रभावी न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य केवल शिकायतों को दर्ज करना नहीं, बल्कि पीड़ितों को वास्तविक राहत प्रदान करना है।
सरकारी स्तर पर इस पहल को “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के संकल्प के तहत महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को समयबद्ध न्याय मिल रहा है।
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