
पीथमपुर/अमित अतुलकर: महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने सादगी और उत्तरदायित्व का एक अनूठा उदाहरण पेश किया है। मंत्री महोदया ने अपने कारकेट से पायलट एवं फॉलो वाहनों का त्याग करते हुए राष्ट्र के प्रति अपनी अटूट निष्ठा का संदेश दिया है। उनके इस निर्णय की व्यापक स्तर पर सराहना की जा रही है, जिसे वीआईपी संस्कृति को त्यागकर जन-सामान्य के साथ जुड़ने के एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।
इस अवसर पर सावित्री ठाकुर ने कहा कि वर्तमान समय राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का है और प्रत्येक नागरिक का यह नैतिक कर्तव्य है कि वह समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए जोर दिया कि आज देश के हर व्यक्ति को राष्ट्र के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने की आवश्यकता है। मंत्री जी के अनुसार, जब देश चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से गुजर रहा हो, तब केवल शासन-प्रशासन ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की सक्रिय सहभागिता राष्ट्र को मजबूती प्रदान करती है।
उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक समरसता और जनकल्याण के प्रति सजगता ही एक सशक्त राष्ट्र की वास्तविक पहचान होती है। भारत की असली शक्ति यहाँ की एकता, सांस्कृतिक गौरव और सामूहिक संकल्प में निहित है।
केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने विश्वास व्यक्त किया कि यदि देश का प्रत्येक नागरिक राष्ट्रहित को व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर रखकर कार्य करेगा, तो भारत निश्चित रूप से आत्मनिर्भर और समृद्ध बनकर विश्व पटल पर एक प्रभावशाली शक्ति के रूप में स्थापित होगा। अंत में उन्होंने सभी नागरिकों से संयम, अनुशासन और सेवा भावना जैसे मूल्यों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देने का विशेष आह्वान किया।
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