
तिरुवनंतपुरम: केरलम में एक दशक के लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट UDF की सत्ता में वापसी हो गई है। सोमवार 18 मई को तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह में वी डी सतीशन ने केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने सतीशन और उनके 20 सदस्यीय मंत्रिपरिषद को शपथ दिलाई। नए मंत्रिमंडल की खास बात यह है कि इसमें शामिल 14 मंत्री पहली बार मंत्री बने हैं।
शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कांग्रेस शासित राज्यों के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इस दौरान मंच पर निवर्तमान मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और भाजपा नेता राजीव चंद्रशेखर भी मौजूद रहे, जिनसे शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री सतीशन ने गर्मजोशी से मुलाकात की।
मंत्रिमंडल में किस – किस को मिली जगह
सतीशन के नए कैबिनेट में कांग्रेस के कई वरिष्ठ चेहरों को जगह मिली है, जिनमें रमेश चेन्निथला, के मुरलीधरन और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सनी जोसेफ शामिल हैं। इसके अलावा, गठबंधन सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के कोटे से 5 मंत्रियों को सरकार में शामिल किया गया है, जिनके नाम पी के कुन्हालीकुट्टी, के एम शाजी, पी के बशीर, एन शम्सुद्दीन और वी ई अब्दुल गफूर हैं।
मंत्रिमंडल के अन्य मंत्रियों में मोंस जोसेफ, शिबू बेबी जॉन, अनूप जैकब, सी पी जॉन, ए पी अनिलकुमार, टी सिद्दीकी, पी सी विष्णुनाथ, रोजी एम जॉन, बिंदु कृष्णा, एम लिज्जू, के ए तुलसी और ओ जे जनीश शामिल हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री सतीशन ने तिरुवनंचूर राधाकृष्णन को विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर), शनिमोल उस्मान को उपाध्यक्ष (डिप्टी स्पीकर) और अपू जॉन जोसेफ को सरकार का मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) घोषित किया है।
केरलम में यूडीएफ को मिला पूर्ण बहुमत
केरलम विधानसभा चुनाव में यूडीएफ UDF को राज्य की जनता ने स्पष्ट और निर्णायक जनादेश दिया है। केरल की कुल 140 विधानसभा सीटों में से यूडीएफ ने रिकॉर्ड 102 सीटों पर जीत हासिल की है। इस चुनाव में कांग्रेस 63 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, जबकि उसकी सहयोगी आईयूएमएल IUML ने 22 सीटों पर विजय प्राप्त की है। दूसरी ओर, लगातार दो बार सत्ता में रहा वामपंथी नेतृत्व वाला एलडीएफ LDF)गठबंधन महज 35 सीटों पर सिमट गया, जबकि भारतीय जनता पार्टी को इस चुनाव में 3 सीटें मिली हैं।
केरलम में लगातार दो बार से सत्तारूढ़ एलडीएफ के खिलाफ कांग्रेस की इस ऐतिहासिक और मजबूत वापसी का पूरा श्रेय वी डी सतीशन के कुशल नेतृत्व को दिया जा रहा है। हालांकि, मुख्यमंत्री पद के चयन के लिए कांग्रेस के भीतर काफी गहन मंथन हुआ था। रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व इस पद के लिए कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल के पक्ष में था, लेकिन जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं, गठबंधन सहयोगी आईयूएमएल और मजबूत जनभावना के समर्थन के कारण अंततः वी डी सतीशन के नाम पर मुहर लगी।
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