लखनऊ में पेपर लीक अफवाह फेल: लेखपाल मुख्य परीक्षा-2025 पूरी तरह पारदर्शी, जांच में सूचना फर्जी निकली; हाईटेक निगरानी से 44 जिलों में शांतिपूर्ण परीक्षा संपन्न

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं को लेकर सोशल मीडिया पर फैलाए गए पेपर लीक के दावे पूरी तरह झूठे साबित हुए हैं। लेखपाल मुख्य परीक्षा-2025 को लेकर लखनऊ में फैलाई गई पेपर लीक की सूचना की जांच के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट पूरी तरह सीलबंद और सुरक्षित थीं, और किसी भी स्तर पर पेपर लीक की घटना नहीं हुई।

परीक्षा उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा प्रदेश के 44 जिलों में कुल 861 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से आयोजित की गई। इस परीक्षा में 3,66,712 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 3,01,756 अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा में 82.29 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई, जो व्यवस्था पर अभ्यर्थियों के भरोसे को दर्शाता है।

परीक्षा शुरू होते ही लखनऊ के ऐशबाग स्थित गोपीनाथ लक्ष्मणदास रस्तोगी इंटर कॉलेज को लेकर कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स ने पेपर लीक की अफवाह फैलाने की कोशिश की। हालांकि, जिला प्रशासन और आयोग की टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसमें पाया गया कि पेपर और ओएमआर शीट पूरी तरह सुरक्षित थे।

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अधिकारियों के अनुसार, एक कक्ष के कुछ अभ्यर्थी भ्रम की स्थिति में बाहर निकल गए थे, जिसे गलत तरीके से पेपर लीक का रूप देकर सोशल मीडिया पर फैलाया गया। स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद सभी अभ्यर्थी पुनः परीक्षा कक्ष में लौटे और परीक्षा बिना किसी व्यवधान के संपन्न हुई। इस बार परीक्षा व्यवस्था में हाईटेक तकनीक का व्यापक उपयोग किया गया। पूरे प्रदेश में 18,883 सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की गई।

साथ ही 7,683 बायोमैट्रिक ऑपरेटर और 6,297 फ्रिस्किंग गार्ड तैनात किए गए थे। एआई आधारित निगरानी प्रणाली के जरिए अभ्यर्थियों की पहचान और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई। इसी सिस्टम की मदद से बुलंदशहर में एक संदिग्ध अभ्यर्थी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया।

प्रशासन का कहना है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या पेपर लीक की घटना सामने नहीं आई है और सोशल मीडिया पर फैलाई गई जानकारी पूरी तरह भ्रामक और अफवाह थी। उत्तर प्रदेश में बीते वर्षों में भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए योगी सरकार द्वारा कड़े कदम उठाए गए हैं। हाईटेक निगरानी, बायोमैट्रिक सत्यापन और एआई आधारित सिस्टम के कारण नकल माफियाओं पर लगातार शिकंजा कसा गया है। लेखपाल मुख्य परीक्षा-2025 का सफल और शांतिपूर्ण आयोजन इस बात का संकेत है कि प्रदेश में अब भर्ती परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और सख्त निगरानी व्यवस्था के साथ संपन्न कराई जा रही हैं।

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    Rashel Kachwah Rajput

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