
बलरामपुर: महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मिशन शक्ति के पंचम चरण के अंतर्गत थाना कोतवाली गैसड़ी द्वारा बहू-बेटी सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ग्राम ओरीडीह में आयोजित हुआ, जहां महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा संबंधी कानूनों तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय तथा क्षेत्राधिकारी जितेन्द्र कुमार के पर्यवेक्षण में आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व थाना प्रभारी दुर्विजय ने किया। सम्मेलन में एंटी रोमियो टीम और मिशन शक्ति टीम ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बालिकाओं को थाने में संचालित मिशन शक्ति केंद्र की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं की शिकायतों के त्वरित निस्तारण और सुरक्षा संबंधी सहायता के लिए मिशन शक्ति केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। साथ ही महिला साइबर सेल के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई, ताकि साइबर अपराधों की स्थिति में महिलाएं आसानी से सहायता प्राप्त कर सकें।
सम्मेलन में बाल विवाह की रोकथाम पर विशेष जोर दिया गया। उपस्थित महिलाओं को बताया गया कि बाल विवाह एक दंडनीय अपराध है और इसके सामाजिक व कानूनी दुष्परिणाम गंभीर होते हैं। इसके अलावा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी देते हुए दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूक किया गया तथा महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया। पुलिस टीम ने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी। इनमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना, विधवा पेंशन योजना सहित महिलाओं और बालिकाओं के कल्याण से जुड़ी अन्य योजनाएं शामिल रहीं। अधिकारियों ने योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया भी समझाई।
महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए संचालित हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी साझा की गई। सम्मेलन में वूमेन पावर लाइन 1090, आपातकालीन पुलिस सेवा 112, एंबुलेंस सेवा 108, गर्भवती महिलाओं के लिए 102, साइबर हेल्पलाइन 1930, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के उपयोग और महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया। इस संबंध में जागरूकता पंपलेट भी वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं से उनकी समस्याओं और सुझावों के बारे में भी जानकारी ली गई। हालांकि किसी भी प्रतिभागी ने कोई विशेष समस्या नहीं बताई। पुलिस अधिकारियों ने सभी को कानून का पालन करने, सामाजिक बुराइयों से दूर रहने और किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तत्काल पुलिस एवं हेल्पलाइन सेवाओं से संपर्क करने की सलाह दी।
बहू-बेटी सम्मेलन के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षा, अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवतियों और ग्रामीणों की उपस्थिति रही। इस पहल को ग्रामीण क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण और जनजागरूकता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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