
खंडवा: जिले के ग्राम नाहरमाल में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए समाजसेवी और जनप्रतिनिधि आगे आ रहे हैं। आग की इस दर्दनाक घटना में कई गरीब परिवारों के घर पूरी तरह जलकर राख हो गए, जिससे उनका घरेलू सामान, बर्तन, कपड़े और अन्य आवश्यक सामग्री नष्ट हो गई। ऐसे कठिन समय में समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा राहत और सहयोग प्रदान कर मानवता की मिसाल पेश की जा रही है।
समाजसेवी एवं प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि आग की घटना के बाद प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास शुरू किए गए। इसी क्रम में छाया मौरे पीड़ित परिवारों से मिलने नाहरमाल गांव पहुंचीं। उन्होंने प्रभावित लोगों की समस्याएं सुनीं और उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। विधायक ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर भी आवश्यक मदद सुनिश्चित की जाएगी ताकि प्रभावित परिवार जल्द सामान्य जीवन की ओर लौट सकें। विधायक द्वारा स्वीकृत आर्थिक सहायता राशि से पीड़ित परिवारों को अपने क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण में मदद मिलेगी। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इस सहयोग से वे अपने जीवन को फिर से व्यवस्थित कर पाएंगे।
इस दौरान खंडवा जिले की विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़ी महिलाओं तथा समाजसेवियों ने भी राहत सामग्री पहुंचाकर पीड़ितों की सहायता की। जरूरतमंद परिवारों को दैनिक उपयोग की वस्तुएं, घरेलू सामग्री और अन्य आवश्यक सामान उपलब्ध कराया गया। समाजसेवियों के इस सहयोग से प्रभावित परिवारों को राहत मिली और कठिन परिस्थितियों में उन्हें मानसिक संबल भी प्राप्त हुआ।
पीड़ित परिवारों ने कहा कि आग की घटना के बाद वे खुद को असहाय महसूस कर रहे थे, लेकिन समाज और जनप्रतिनिधियों से मिले सहयोग ने उन्हें नई उम्मीद दी है। उन्होंने सभी सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मानवता और सामाजिक एकता का यह उदाहरण उन्हें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि राहत कार्य में डॉ. पिंकी राठौर, सुधा दुबे, डॉ. भारती पाराशर, संगीता सोनवाने, दीपमाला पाण्डेय, आशा सेंगर, मोनिका शर्मा, शालिनी अग्रवाल, रंजना शर्मा, निहारिका बंसल, रानी गुप्ता, राजमाला आर्य, विनिशा मोटवानी, मालती तिवारी, अनामिका अग्रवाल, वंदना गुप्ता, प्रमिला शर्मा, राखी शुक्ला, अर्चना तिवारी, स्नेहा पटेल, वेदवती पाल, सीमा तिवारी, मनोरमा तिवारी, सीमा भट्ट, अंजनी शुक्ला, सोनिया उपाध्याय, संगीता जैन, आकांक्षा शुक्ला, मनन जैन, मनीष अग्रवाल और प्रिंस जिंदल सहित अनेक समाजसेवियों ने विशेष योगदान दिया।
नाहरमाल अग्निकांड के बाद जिस तरह समाज के विभिन्न वर्गों ने एकजुट होकर पीड़ित परिवारों की मदद की है, उसे क्षेत्र में सामाजिक सरोकार और मानवता की एक प्रेरणादायक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।
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