
सागर/मनीष कुमार चौबे: आधुनिक तकनीक, पुलिस की सक्रियता और जनसहयोग का शानदार उदाहरण पेश करते हुए सागर पुलिस की सीसीटीवी टीम ने महज तीन घंटे के भीतर एक महिला का लाखों रुपये मूल्य का गुम हुआ बैग खोजकर उसे सुरक्षित वापस दिलाया। बैग में सोने के आभूषण और नकदी सहित करीब एक लाख रुपये से अधिक का सामान रखा हुआ था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी निगरानी के चलते महिला को उसका सामान सकुशल वापस मिल गया।
पुलिस के अनुसार रहली तहसील के ग्राम रजवास निवासी निधि कुर्मी अपने परिवार के साथ सागर बस स्टैंड जाने के लिए परकोटा स्थित एचडीएफसी बैंक के पास एक ऑटो में बैठी थीं। इस दौरान उन्होंने अपना पर्स ऑटो की सीट पर रख दिया था। पर्स में लगभग 54 हजार रुपये मूल्य की सोने की अंगूठी, 46 हजार रुपये के सोने के झुमके तथा चार हजार रुपये नकद रखे हुए थे। इसी बीच बच्चों को वाहन में बैठाने के बाद परिवार ने अचानक पैदल ही बस स्टैंड जाने का निर्णय लिया और जल्दबाजी में पर्स ऑटो में ही छूट गया। ऑटो चालक वहां से आगे निकल गया और कुछ देर बाद महिला को अपने पर्स के गुम होने का पता चला।
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और पीड़ित महिला तथा उनके परिजनों को पुलिस कंट्रोल रूम भेजा गया। कंट्रोल रूम प्रभारी उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान को उपलब्ध सीसीटीवी नेटवर्क और अन्य तकनीकी संसाधनों के माध्यम से ऑटो और गुम बैग का पता लगाने के निर्देश दिए गए। इसके बाद सीसीटीवी टीम ने शहर के विभिन्न चौराहों और मार्गों पर लगे कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया।
करीब तीन घंटे तक लगातार सैकड़ों कैमरों की रिकॉर्डिंग देखने के बाद टीम ने संबंधित ऑटो को कई स्थानों पर ट्रैक कर लिया। हालांकि तकनीकी कारणों से ऑटो का पूरा रजिस्ट्रेशन नंबर स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा था और केवल अंतिम चार अंक ही नजर आ रहे थे। इसके बावजूद टीम ने हार नहीं मानी और स्मार्ट सिटी कैमरों सहित अन्य तकनीकी साधनों का उपयोग किया। जब पूर्ण जानकारी नहीं मिल सकी तो पुलिस ने सोशल मीडिया और आपसी समन्वय का सहारा लिया। ऑटो की तस्वीर और उपलब्ध विवरण को विभिन्न पुलिस ग्रुपों, मीडिया ग्रुपों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया।
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई का सकारात्मक परिणाम सामने आया और जानकारी संबंधित ऑटो चालक तक पहुंच गई। देर रात करीब 12 बजे ऑटो चालक स्वयं पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचा और बैग पुलिस के सुपुर्द कर दिया। बैग की जांच करने पर उसमें रखे सोने के आभूषण और नकदी पूरी तरह सुरक्षित मिले। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने बैग उसकी वास्तविक मालकिन निधि कुर्मी को सौंप दिया।
अपना कीमती सामान सुरक्षित वापस मिलने पर निधि कुर्मी और उनके परिजनों ने सागर पुलिस की कार्यप्रणाली, तत्परता और ईमानदार प्रयासों की सराहना की। उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम और सीसीटीवी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली मदद से उनका बड़ा नुकसान होने से बच गया।
इस पूरी कार्रवाई को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिन्हा के निर्देशन में अंजाम दिया गया। अभियान में कंट्रोल रूम प्रभारी उप निरीक्षक आर.के.एस. चौहान तथा सीसीटीवी टीम के आरक्षक रूद्रेश और नितेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि आधुनिक तकनीक और पुलिस की सक्रियता मिलकर आम नागरिकों की समस्याओं का प्रभावी समाधान कर सकती हैं।
ये भी पढ़े – सागर: जल संकट पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, पठाखुर्द में चक्का जाम; 2022 से अधूरा पड़ा जलाशय निर्माण
- sagar-police-recovered-lost-bag-with-gold-jewellery-in-3-hours









