1932 से बसे 32 परिवारों पर बेदखली का खतरा, मुजफ्फरनगर में ग्रामीणों ने डीएम से लगाई न्याय की गुहार

मुजफ्फरनगर: थाना मंसूरपुर क्षेत्र के ग्राम घासीपुरा फार्म स्थित सरशादीलाल गार्डन, मजरा हुसैनपुर चौपड़ा में रहने वाले करीब 32 परिवारों पर बेदखली का खतरा मंडराने लगा है। लंबे समय से इस स्थान पर रह रहे ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी सुरक्षा और न्याय की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्ष 1932 से इस भूमि पर निवास कर रहे हैं और उनके पूर्वजों को उस समय सरशादीलाल गार्डन की देखरेख और अन्य कार्यों के लिए यहां बसाया गया था। उस दौरान लगभग छह बीघा भूमि पर उनके रहने की व्यवस्था की गई थी। तभी से लगातार पांच से छह पीढ़ियां इसी स्थान पर रह रही हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, समय के साथ गार्डन का प्रबंधन और भूमि स्वामित्व बदल गया, जिसके बाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्तमान में भूमि किसी अन्य फर्म के अधीन है, जो अब उन्हें उनके घरों से बेदखल करने का प्रयास कर रही है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि उनके पास आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी और बिजली कनेक्शन जैसे दस्तावेज मौजूद हैं, जो उनके लंबे समय से यहां निवास का प्रमाण देते हैं। इसके बावजूद उन्हें मकानों की मरम्मत तक नहीं करने दी जा रही है और विरोध करने पर दबाव की स्थिति बनी रहती है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वे मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं और कई तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि सभी प्रभावित परिवार अनुसूचित जाति वर्ग से हैं, और उनके साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच तहसीलदार खतौली के माध्यम से कराई जाए और उन्हें बेदखली से कानूनी संरक्षण दिया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो दर्जनों परिवार खुले आसमान के नीचे आने को मजबूर हो जाएंगे।

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  • Rashel Kachwah Rajput

    Rashel Kachwah Rajput

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