
सोनभद्र: जिले के चोपन क्षेत्र स्थित प्रीतनगर में रेलवे विभाग द्वारा सड़क किनारे कराई जा रही खुदाई के कारण स्थानीय लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से इलाके में पानी का संकट गहरा गया है, जबकि सड़क किनारे बने गहरे गड्ढों से आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। समस्या के विरोध में सोमवार को सैकड़ों क्षेत्रवासी तहसील पहुंचे और उप जिलाधिकारी ओबरा के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपकर तत्काल समाधान की मांग की।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि रेलवे विभाग द्वारा लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) सड़क के किनारे की गई खुदाई के दौरान पेयजल पाइपलाइन टूट गई, जिससे बड़ी संख्या में परिवारों की जलापूर्ति बाधित हो गई है। कई घरों में पीने के पानी का संकट पैदा हो गया है और लोगों को दूर-दूर से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में जल संकट ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि खुदाई के बाद कई स्थानों पर गहरे गड्ढे खुले छोड़ दिए गए हैं, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। दुकानों और घरों के सामने खुदाई होने से लोगों का दैनिक आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। कुछ स्थानों पर अस्थायी टिन-शेड और अन्य संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचने की शिकायत सामने आई है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी, व्यापारी, मजदूर, महिलाएं और युवा मौजूद रहे। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि पेयजल आपूर्ति तत्काल बहाल कराई जाए, गड्ढों को सुरक्षित बनाया जाए और प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान की जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह केवल निर्माण कार्य से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि सैकड़ों परिवारों की बुनियादी जरूरतों और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर जनहित का मुद्दा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार ओबरा ने तत्काल संज्ञान लिया और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों, क्षेत्रीय लेखपाल तथा नगर पंचायत चोपन के अधिशासी अधिकारी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी है ताकि समस्या का जल्द समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
इस दौरान सामाजिक संगठन “सेवा ही संकल्प” से जुड़े कार्यकर्ता राकेश केशरी ने भी क्षेत्रवासियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि प्रीतनगर के लोगों की परेशानी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और रेलवे विभाग सहित संबंधित एजेंसियों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए जल्द राहत प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए पेयजल व्यवस्था, सुरक्षित आवागमन और क्षति की भरपाई सुनिश्चित करने की मांग की।
क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी सोनभद्र, रेलवे विभाग, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर समस्या का स्थायी समाधान निकालने की अपील की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पेयजल संकट और सुरक्षा संबंधी खतरे और बढ़ सकते हैं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन और संबंधित विभाग संयुक्त रूप से कार्य करते हुए जल्द से जल्द स्थिति सामान्य करेंगे और प्रभावित परिवारों को राहत दिलाएंगे।
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