
भोपाल। प्रदेश के एक बड़े संभाग में कमिश्नर के पद पर पदस्थ एक प्रमोटी आईएएस अधिकारी की फील्ड पोस्टिंग आखिरकार समाप्त हो गई है। राज्य सरकार ने उन्हें हटाकर मंत्रालय में पदस्थ कर दिया है। प्रशासनिक हलकों में इस तबादले को लंबे समय से लंबित कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक अधिकारी के सेवानिवृत्त होने में अब अधिक समय शेष नहीं है। पिछले कुछ समय से उनके कार्य करने के तरीके को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। बताया जाता है कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों, विशेष रूप से तहसीलदारों और राजस्व अमले को छोटी-छोटी बातों पर कारण बताओ नोटिस जारी कर रहे थे, जिससे विभागीय स्तर पर असंतोष का माहौल बन रहा था।
प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा भी रही कि कई बार नोटिस प्राप्त करने वाले अधिकारी जब अपना पक्ष रखने पहुंचे, तो उन्हें अनावश्यक दबाव और असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। हालांकि इन आरोपों की किसी आधिकारिक स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन शिकायतों का सिलसिला लगातार शासन तक पहुंचता रहा।
सूत्रों का कहना है कि जब शिकायतों की संख्या बढ़ी और मामला सरकार के संज्ञान में गंभीरता से आया, तब अधिकारियों ने बदलाव का फैसला लिया। इसके बाद संबंधित कमिश्नर को फील्ड से हटाकर मंत्रालय में पदस्थ कर दिया गया।
नौकरशाही के जानकार इस कदम को केवल एक सामान्य तबादला नहीं, बल्कि प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर मिल रही शिकायतों पर शासन की प्रतिक्रिया के रूप में देख रहे हैं। वहीं मंत्रालय में नई पदस्थापना के बाद अब संबंधित संभाग में नए नेतृत्व को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।








