
छतरपुर।अमित अवस्थी| जिले के ईशानगर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य बसंत लाल प्रजापति को शिकायतों की जांच के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर मृणाल मीणा के प्रस्ताव पर कमिश्नर सागर अनिल सुचारी ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत कार्रवाई की है।
जांच में कई शिकायतें प्रथम दृष्ट्या सही मिलीं
प्राचार्य के खिलाफ प्राप्त शिकायतों की जांच जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा गठित समिति से कराई गई थी। जांच प्रतिवेदन के अनुसार प्राचार्य को प्रथम दृष्ट्या दोषी पाया गया। जांच में विद्यालय में पुरुष टॉयलेट उपलब्ध होने के बावजूद बालिका टॉयलेट के उपयोग की शिकायत सामने आई।
इसके अलावा महिला कर्मचारियों को कथित रूप से मानसिक प्रताड़ना देने, अन्य कर्मचारियों को परेशान करने और कर्मचारियों का वेतन अकारण रोकने जैसी शिकायतों का भी उल्लेख जांच रिपोर्ट में किया गया है। प्राचार्य पर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा डालने से संबंधित आरोप भी सामने आए।
कलेक्टर के प्रस्ताव पर हुआ निलंबन
कलेक्टर मृणाल मीणा द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के परीक्षण के बाद कमिश्नर सागर अनिल सुचारी ने निलंबन आदेश जारी किया। निलंबन अवधि में बसंत लाल प्रजापति का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, छतरपुर निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।
तीन दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई
कलेक्टर मृणाल मीणा ने कहा कि शासकीय संस्थानों में किसी भी तरह का कदाचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, पिछले तीन दिनों में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है।
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