
बुरहानपुर/नेपानगर। केंद्र सरकार की अमृत-2 योजना के तहत नेपानगर के वार्ड क्रमांक-11 में लगभग 33.80 लाख रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे ग्रीन स्पेस पार्क (गार्डन) की गुणवत्ता और निर्माण व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं। मानसून की दस्तक से पहले ही पार्क परिसर में जलभराव की स्थिति बनने से स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी और नगर पालिका द्वारा पार्क के समतलीकरण और जल निकासी की व्यवस्था को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। नतीजा यह है कि हल्की बारिश और पानी के रिसाव से ही पार्क के कई हिस्सों में पानी जमा होने लगा है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो बारिश के मौसम में यह पार्क गार्डन कम और तालाब ज्यादा नजर आएगा।
पार्षद ने पहले ही जताई थी चिंता
वार्ड पार्षद ने बताया कि लगभग दो से तीन माह पूर्व नगर पालिका को लिखित आवेदन देकर पार्क परिसर में करीब 100 ट्रॉली मुरूम डालने की मांग की गई थी, ताकि भूमि का समतलीकरण हो सके और भविष्य में जलभराव की समस्या न आए। लेकिन उनकी मांग पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
अब जब पार्क में पानी भरने की तस्वीरें सामने आ रही हैं, तो स्थानीय लोग नगर पालिका की कार्यप्रणाली और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद यदि शुरुआत में ही ऐसी स्थिति बन रही है, तो योजना के क्रियान्वयन और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।
स्थायी समाधान की मांग
नागरिकों ने मांग की है कि मानसून शुरू होने से पहले पार्क में समुचित जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए और आवश्यकतानुसार मुरूम डालकर भूमि का समतलीकरण कराया जाए। वहीं अब सभी की नजरें नगर पालिका और संबंधित एजेंसियों पर टिकी हैं कि वे इस समस्या का समाधान करते हैं या फिर करोड़ों की योजनाओं की तरह यह परियोजना भी सवालों के घेरे में रह जाएगी।








