
राजस्थान के दौसा में हुए भीषण बस हादसे में जान गंवाने वाले इंदौर के यात्रियों के शव शुक्रवार को उनके गृह नगर पहुंच गए। शवों के पहुंचते ही परिजनों में मातम छा गया और कई जगह भावुक दृश्य देखने को मिले। इस बीच मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि हादसे के कई दिन बाद भी उन्हें राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार की ओर से किसी तरह के मुआवजे की घोषणा नहीं मिली है।
शव पहुंचते ही गम में डूबे परिवार
दुर्घटना में जान गंवाने वाले यात्रियों के शव इंदौर पहुंचने पर परिजन और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। अंतिम दर्शन के दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया। परिवार के सदस्यों का कहना है कि अचानक हुए इस हादसे ने उनकी जिंदगी बदल दी है और अब उन्हें सरकारी सहायता का इंतजार है।
मुआवजे को लेकर परिजनों ने जताई नाराजगी
पीड़ित परिवारों का कहना है कि हादसे के बाद अब तक न तो राजस्थान सरकार और न ही मध्य प्रदेश सरकार की ओर से आर्थिक सहायता या मुआवजे की घोषणा की गई है। उनका कहना है कि परिवार के कमाने वाले सदस्य की मौत से आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। ऐसे में सरकार को जल्द राहत राशि उपलब्ध करानी चाहिए।
सरकारी मदद की मांग तेज
स्थानीय लोगों और परिजनों ने सरकार से मांग की है कि मृतकों के परिवारों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए और जरूरत के अनुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए। उनका कहना है कि ऐसे हादसों के बाद पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत मिलना जरूरी है, ताकि वे इस कठिन समय में आर्थिक और सामाजिक रूप से संभल सकें।
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