
उमरिया/ राकेश दर्दवंशी: जिले के घुलघुली स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का भवन कंचन ओपन कोल माइंस परियोजना के अधिग्रहण क्षेत्र में आने के बाद यहां अध्ययनरत 613 विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर चिंता गहरा गई है। प्रशासन ने फिलहाल विद्यार्थियों को 7 से 8 किलोमीटर दूर स्थित दूसरे शासकीय विद्यालय में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है, लेकिन इस फैसले को लेकर छात्र और अभिभावक कई सवाल उठा रहे हैं।
अधिकांश छात्र ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर
विद्यार्थियों का कहना है कि प्रतिदिन इतनी लंबी दूरी तय करना आसान नहीं होगा। अधिकांश छात्र ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में आवागमन की परेशानी और लंबी दूरी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो सकती है, वहीं कुछ बच्चों के स्कूल छोड़ने की आशंका भी जताई जा रही है। दूसरी ओर, कंचन ओपन कोल माइंस प्रबंधन ने भरोसा दिलाया है कि नए विद्यालय भवन के निर्माण तक विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था की जाएगी, ताकि उनकी पढ़ाई बाधित न हो।
शासकीय भवन में अस्थायी रूप से कक्षाएं संचालित की जाएं
अभिभावकों का कहना है कि केवल वाहन सुविधा पर्याप्त नहीं है। उनका सुझाव है कि नए भवन के तैयार होने तक घुलघुली या आसपास के किसी शासकीय भवन में अस्थायी रूप से कक्षाएं संचालित की जाएं, जिससे छोटे बच्चों को रोजाना लंबी दूरी तय न करनी पड़े।
नए विद्यालय भवन के निर्माण को प्राथमिकता देने का निर्णय
मामले को लेकर जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों और माइंस प्रबंधन के साथ बैठक कर नए विद्यालय भवन के निर्माण को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। साथ ही, तब तक विद्यार्थियों के आवागमन की पूरी जिम्मेदारी माइंस प्रबंधन को सौंपने की बात कही गई है।
613 विद्यार्थियों को स्थानांतरित किया जाएगा
हालांकि, अब एक नई चिंता भी सामने आ रही है। जिस विद्यालय में इन 613 विद्यार्थियों को स्थानांतरित किया जाएगा, वहां पहले से अध्ययनरत छात्रों के बीच इतनी बड़ी संख्या जुड़ने से कक्षाओं, शिक्षकों और अन्य संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। ऐसे में शिक्षा की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं को बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी।
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