दिशा समिति की बैठक में सांसद ज्ञानेश्वर पाटील सख्त, लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई के दिए निर्देश

बुरहानपुर: कलेक्टर कार्यालय में शनिवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता खंडवा लोकसभा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने की। इस दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की विभागवार समीक्षा की गई। सांसद ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि जनहित और विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषि, उद्यानिकी, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण विकास, पेयजल, नगर निगम, विद्युत तथा किसानों और आमजन से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तार से समीक्षा की गई। सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा है कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसे सुनिश्चित करना सभी विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित भी किया जाना चाहिए।

बैठक के दौरान कुछ विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सांसद ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दिशा समिति की बैठक विकास कार्यों की निगरानी और जनहित से जुड़े मुद्दों के समाधान का महत्वपूर्ण मंच है। सूचना मिलने के बावजूद अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के प्रति उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए जिला कलेक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी करने और नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेंद्र कुमार वर्मा अनुपस्थित रहे, जिन्हें अवकाश पर बताया गया। लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान विभागीय जानकारी संतोषजनक ढंग से प्रस्तुत नहीं किए जाने पर भी सांसद ने नाराजगी जताई। उन्होंने कार्यपालन यंत्री श्रीमती पद्मरेखा श्रीवास्तव को सभी विकास कार्यों की पूर्ण और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराने तथा भविष्य में समीक्षा बैठकों की बेहतर तैयारी के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए।

उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान किसानों के खेतों में बनाए जा रहे पॉली हाउस निर्माण की गुणवत्ता का मामला सामने आया। बैठक में जानकारी दी गई कि जिन स्थानों पर तकनीकी मानकों के अनुसार लगभग चार फीट गहराई तक पिलर लगाए जाने चाहिए थे, वहां कई जगह केवल दो फीट तक ही पिलर लगाए गए हैं। इस पर सांसद ने मामले की तकनीकी जांच कराने, वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने तथा यदि अनियमितता पाई जाए तो संबंधित निर्माण एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों से जुड़े विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान जिला चिकित्सालय परिसर में शासकीय आवासों के आवंटन में वरिष्ठता सूची और निर्धारित नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठे। सांसद ने जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर सात दिन के भीतर पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जिला स्तर पर आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया की भी जांच कराने के निर्देश दिए गए।

बैठक में तुकईथड़ चना खरीदी केंद्र से जुड़े मामले पर भी चर्चा हुई। सांसद ने लगभग 181 क्विंटल चने की कमी तथा कम रकबे वाले किसानों के खातों में अधिक खरीदी दर्शाए जाने संबंधी समाचारों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने खरीदी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में नेपानगर विधायक मंजू राजेंद्र दादू ने विधानसभा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों, सड़क निर्माण, अधूरे प्रोजेक्ट और जनसमस्याओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता के साथ समयसीमा का पालन अनिवार्य है और जनहित से जुड़े मामलों में अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।

वहीं बुरहानपुर महापौर माधुरी अतुल पटेल ने शनवारा से लालबाग रेलवे स्टेशन तक लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई गई सड़क में समुचित जल निकासी व्यवस्था नहीं होने पर आपत्ति जताई और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की। बैठक में जिला कलेक्टर हर्ष सिंह, पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी, जनप्रतिनिधियों, जिला पंचायत एवं जनपद प्रतिनिधियों तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। समीक्षा बैठक में लंबित विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

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    Rashel Kachwah Rajput

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