सैन्य परंपराओं का निर्वाह: नए थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से की शिष्टाचार भेंट

नई दिल्ली: भारतीय सेना के नवनियुक्त थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने अपनी पत्नी कोमल सेठ के साथ राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार मुलाकात की। भारतीय सैन्य कमान संभालने के बाद राष्ट्रपति के साथ जनरल धीरज सेठ की यह पहली आधिकारिक भेंट है। इस मुलाकात को भारतीय सैन्य नेतृत्व और देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद के बीच पारस्परिक विश्वास, सम्मान और संस्थागत संवाद का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रतीक माना जा रहा है। भारतीय रक्षा परंपराओं के अनुसार, सैन्य तैयारियों और राष्ट्रीय सुरक्षा के विषयों पर सर्वोच्च कमांडर और सेना के शीर्ष नेतृत्व के बीच ऐसे संवाद समय-समय पर होते रहते हैं।

ये भी पढ़े – धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता बढ़ाने की मांग, AAP नेता आनंद श्रीवास्तव ने उठाए दान व्यवस्था पर सवाल

थलसेना की कमान संभालने के बाद से ही नए सेना प्रमुख लगातार शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर रहे हैं। इससे पहले, 2 जुलाई को उन्होंने नई दिल्ली स्थित रक्षा मंत्रालय में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी शिष्टाचार भेंट की थी। जनरल धीरज सेठ बख्तरबंद कोर (आर्मर्ड कोर) के एक अत्यंत अनुभवी अधिकारी हैं और इस शीर्ष पद पर आने से पहले वे उप-थलसेना प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे थे। देश के 31वें थलसेना प्रमुख के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के बाद से ही उन्होंने भारतीय सेना को आधुनिक और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है।

पदभार संभालते ही जनरल धीरज सेठ ने भारतीय सेना के लिए ‘विजय’ नामक अपना दूरदर्शी दृष्टिकोण (विजन) देश के सामने रखा था। उनका मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस करना और भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार करना है ताकि बहु-क्षेत्रीय युद्धक्षेत्र (मल्टी-डोमेन बैटलफील्ड) में सेना प्रभावी ढंग से काम कर सके। उनके इस विजन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षमताओं का विस्तार, स्वदेशी रक्षा उद्योग को बढ़ावा, ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को गति देना और थलसेना, वायुसेना व नौसेना के बीच संयुक्तता (जॉइंटनेस) को मजबूत करना शामिल है। सेना को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए उन्होंने ‘जय से विजय’ का मार्गदर्शक मंत्र दिया है, जो नवाचार और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित है।

ये भी पढ़े – तमिलनाडु में बड़ा राजनीतिक भूचाल: मुख्यमंत्री विजय की सरकार गिराने की साजिश नाकाम, DMK से जुड़े 3 आरोपी गिरफ्तार…

 

  • army-chief-general-dheeraj-seth-meets-president-droupadi-murmu-rashtrapati-bhavan
  • Rashel Kachwah Rajput

    Rashel Kachwah Rajput

    14+ वर्षों का अनुभव। हर दिन, पल-पल की खबरों के साथ। निष्पक्ष व भरोसेमंद रिपोर्टिंग, हर खबर की गहराई तक पहुँचने का प्रयास। सच्ची पत्रकारिता, आपके भरोसे के साथ।

    Related Posts

    संसद हंगामे पर कंगना रनौत का विपक्ष पर हमला: ‘सदन नहीं चलने देना चाहता विपक्ष’, Gen-Z प्रदर्शन और सोशल मीडिया पर भी जताई नाराजगी

    नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान जंतर-मंतर…

    आगे पढ़ें
    2027 चुनाव से पहले बीजेपी के लिए ब्राह्मण वोट बैंक बना चुनौती? राजनीतिक समीकरणों पर बढ़ी चर्चा

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता…

    आगे पढ़ें

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    इंदौर नगर निगम में एक के बाद एक घोटाले उजागर, ₹103 करोड़ फर्जी बिल मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, वेतन घोटाले की जांच शुरू

    इंदौर नगर निगम में एक के बाद एक घोटाले उजागर, ₹103 करोड़ फर्जी बिल मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, वेतन घोटाले की जांच शुरू

    कांग्रेस के टिकट पर लड़ चुके हैं चुनाव, फिर भी PM मोदी ने नंदन नीलेकणि पर क्यों जताया भरोसा? जानिए 5 बड़ी बातें

    कांग्रेस के टिकट पर लड़ चुके हैं चुनाव, फिर भी PM मोदी ने नंदन नीलेकणि पर क्यों जताया भरोसा? जानिए 5 बड़ी बातें

    CJP के बाद सोशल मीडिया पर छाया RHA, 35 लाख फॉलोअर्स के साथ E20 जनता पार्टी भी चर्चा में

    CJP के बाद सोशल मीडिया पर छाया RHA, 35 लाख फॉलोअर्स के साथ E20 जनता पार्टी भी चर्चा में

    दतिया में व्यापारी सम्मेलन: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने व्यापारियों को दिया विकास और सुशासन का भरोसा

    दतिया में व्यापारी सम्मेलन: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने व्यापारियों को दिया विकास और सुशासन का भरोसा

    NEET-UG विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया

    NEET-UG विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया