
दतिया/संतोष कुमार की खास रिपोर्ट: जिले की जनपद पंचायत सेवढ़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत कसेरुआ के नया कसेरुआ स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय में पेयजल व्यवस्था को लेकर गंभीर स्थिति सामने आई है। विद्यालय परिसर में बोरवेल और मोटर उपलब्ध होने के बावजूद छात्र-छात्राओं को पीने का पानी नहीं मिल रहा है। इसके चलते बच्चों और मध्यान्ह भोजन बनाने वाले रसोइयों को विद्यालय से करीब 200 मीटर दूर स्थित हनुमान मंदिर से पानी लाकर अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं।
जानकारी के अनुसार विद्यालय परिसर में स्थापित बोरवेल में मोटर भी लगी हुई है और वह चालू स्थिति में बताई जा रही है। हालांकि विद्यालय में पेयजल की नियमित व्यवस्था नहीं है। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि इसी बोरवेल से बिछाई गई पाइपलाइन सड़क पार स्थित एक निजी मकान तक पहुंच रही है। इस संबंध में संबंधित विभागों की ओर से अभी तक किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
विद्यालय में पानी की समस्या का असर मध्यान्ह भोजन व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। भोजन तैयार करने के लिए रसोइयों को बाहर से पानी लाना पड़ता है। वहीं प्यास लगने पर छात्र-छात्राओं को विद्यालय से बाहर जाकर मंदिर से पानी भरकर लाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे बच्चों का सड़क पार कर पानी लेने जाना सुरक्षा की दृष्टि से भी चिंता का विषय है।
विद्यालय प्रभारी मंजू शर्मा ने बताया कि पेयजल समस्या को लेकर कई बार ग्राम पंचायत के सरपंच को मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है। इसके अलावा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग को भी लिखित आवेदन दिया गया है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
मामले में ग्राम पंचायत सरपंच सुनील पवैया ने बताया कि संबंधित मोटर उस समय लगाई गई थी, जब पंचायत भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। उनके अनुसार मोटर पंचायत भवन की जरूरतों के लिए स्थापित की गई थी, विद्यालय के उपयोग के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि विद्यालय में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाएगा।
वहीं पीएचई विभाग के एसडीओ रितेश राव उबाडे ने बताया कि संबंधित बोर नल-जल योजना के तहत ठेकेदार द्वारा कराया गया है तथा मोटर भी संभवतः उसी के माध्यम से लगाई गई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। विद्यालय परिसर में बोरवेल और मोटर उपलब्ध होने के बावजूद बच्चों को पेयजल सुविधा क्यों नहीं मिल रही है, यदि बोर नल-जल योजना का है तो उसका उपयोग किस उद्देश्य से किया जा रहा है, तथा विद्यालय में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किस विभाग की है। इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
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