
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के थथरी क्षेत्र में मंगलवार को अचानक बादल फटने से कई आवासीय मकानों, दुकानों और स्थानीय बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा है। इस प्राकृतिक आपदा के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। राजभवन से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, उपराज्यपाल ने डोडा के उपायुक्त (डीसी) कृष्ण लाल से फोन पर बात कर प्रभावित परिवारों को तुरंत हर संभव सहायता पहुँचाने और राहत कार्य तेज करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोशल मीडिया पर इस घटना की जानकारी साझा करते हुए बताया कि थथरी में बादल फटने से संपत्ति को नुकसान जरूर हुआ है, लेकिन राहत की बात यह है कि किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई खबर नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन को प्रभावित लोगों को फौरी तौर पर सुरक्षित स्थानों और राहत कैंपों में पहुँचाने के साथ-साथ मलबे की चपेट में आए राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-244) को जल्द से जल्द साफ कर यातायात बहाल करने को कहा है, ताकि प्रभावित इलाकों में पुनर्निर्माण और सहायता कार्य बिना किसी बाधा के जारी रह सके।
भौगोलिक रूप से जम्मू-कश्मीर का डोडा जिला और खासकर थथरी व भलेसा जैसे पहाड़ी इलाके अचानक होने वाली इस तरह की तीव्र बारिश और बादल फटने की घटनाओं के प्रति बेहद संवेदनशील रहे हैं। इतिहास गवाह है कि यहाँ ऐसी आपदाओं के कारण विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन आते रहे हैं, जिससे स्थानीय सड़कें और मार्ग पूरी तरह बाधित हो जाते हैं। हाल ही में जून 2026 में भी भारी बारिश के बाद थथरी के पास बंदेखरा नाले में बादल फटने से भारी मलबा बहकर सड़कों पर आ गया था, जिसके बाद प्रशासन को अलर्ट जारी करना पड़ा था।
इससे पहले जुलाई 2017 में थथरी शहर ने आधी रात को एक ऐसी ही बेहद भयानक आपदा का सामना किया था, जिसमें अचानक आई बाढ़ ने कई घरों को बहा दिया था और छह लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। वर्तमान घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें पूरी मुस्तैदी से स्थिति को सामान्य बनाने में जुटी हुई हैं।
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