
जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य के टाइगर रिजर्व की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि सभी टाइगर रिजर्व के लिए एक व्यापक सुरक्षा योजना (Safety Plan) तैयार कर अदालत के समक्ष पेश की जाए। यह निर्देश वन्यजीवों की सुरक्षा और जंगलों में बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए दिया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर जताई चिंता
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और अवैध गतिविधियों को लेकर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि बाघों और अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी और दीर्घकालिक रणनीति आवश्यक है।
सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे सभी टाइगर रिजर्व की वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था, उपलब्ध संसाधनों, सुरक्षा चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना का विस्तृत खाका अदालत के समक्ष प्रस्तुत करें।
वन्यजीव संरक्षण पर रहेगा फोकस
मध्य प्रदेश देश में सबसे अधिक बाघों वाला राज्य है। ऐसे में टाइगर रिजर्व की सुरक्षा को लेकर सरकार की रणनीति पर अदालत की नजर बनी हुई है। मामले की अगली सुनवाई में सरकार को अपनी कार्ययोजना और सुरक्षा संबंधी प्रस्तावित कदमों की जानकारी देनी होगी।
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