दतिया में बड़ा उलटफेर! क्या नरोत्तम, शिवराज और विजयवर्गीय की ‘उपेक्षा’ BJP पर पड़ेगी भारी? क्या बनेगी नई भारतीय जनता पार्टी?

मध्य प्रदेश की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली राजनीतिक हलचल सामने आ रही है। क्या दतिया की जनता ने भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ अंदरूनी बगावत का बिगुल फूंक दिया है? क्या मध्य प्रदेश में बीजेपी के भीतर सुलग रही असंतोष की चिंगारी अब एक बड़े राजनीतिक विस्फोट का रूप लेने वाली है?

ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि दतिया से लेकर भोपाल और दिल्ली तक के सियासी गलियारों में एक ही चर्चा है— क्या बीजेपी के वो दिग्गज नेता, जो कभी मध्य प्रदेश की सियासत की धुरी हुआ करते थे, आज अपनी ही पार्टी में हाशिए पर धकेल दिए गए हैं?

वरिष्ठ पत्रकारों और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच यह चर्चा तेज हो चुकी है कि क्या पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने दिल्ली दरबार के खिलाफ सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया है? चर्चा तो यहाँ तक है कि क्या इस पूरी अंदरूनी बगावत के पीछे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मौन समर्थन है?

सवाल सिर्फ नरोत्तम मिश्रा का नहीं है। मध्य प्रदेश बीजेपी के कई कद्दावर चेहरे— जैसे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल और नरेंद्र सिंह तोमर— जिनकी कभी सूबे में तूती बोलती थी, आज पार्टी के नए समीकरणों में खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

दतिया जिले की जनता के बीच से उठती आवाजें अब बीजेपी के लिए खतरे की घंटी बन रही हैं। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि अगर सीनियर लीडरशिप की यह नाराजगी दूर नहीं हुई, तो दतिया से बीजेपी का सूपड़ा साफ हो सकता है और कांग्रेस का एक बार फिर से जोरदार उदय तय है। जनता के मन में यह सवाल गहरा रहा है कि जिन नेताओं ने खून-पसीना बहाकर मध्य प्रदेश में बीजेपी को खड़ा किया, आज उन्हें किनारे क्यों किया जा रहा है?

अब सबसे बड़ा और गंभीर सवाल! क्या इन वरिष्ठ और कद्दावर नेताओं का यह सामूहिक गुस्सा किसी नए सियासी दल को जन्म देगा? क्या मध्य प्रदेश की धरती से एक ‘नई भारतीय जनता पार्टी’ या कोई नया मोर्चा आकार ले सकता है? अगर ये दिग्गज नेता एक साथ आते हैं, तो मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश की राजनीति में एक बहुत बड़ा भूचाल आ जाएगा।

क्या बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व समय रहते डैमेज कंट्रोल कर पाएगा या फिर दतिया से भड़की यह चिंगारी पूरी बीजेपी को हिलाकर रख देगी? इस पूरी राजनीतिक उथल-पुथल पर आपकी क्या राय है? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

 

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gaurav singh rajput

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