
सेवढ़ा (दतिया)/संतोष चौरसिया। मध्य प्रदेश शासन द्वारा शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य किए जाने के बावजूद दतिया जिले के सेवढ़ा क्षेत्र स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय किटाना में लापरवाही का मामला सामने आया है। दोपहर 3:18 बजे विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला, जबकि विद्यालय का निर्धारित समय अभी समाप्त नहीं हुआ था। मौके पर कोई भी शिक्षक मौजूद नहीं मिला।
समय से पहले बंद मिला विद्यालय
जानकारी के अनुसार, शासन के निर्देश हैं कि शिक्षक निर्धारित समय तक विद्यालय में उपस्थित रहें और छुट्टी के बाद ही आउट अटेंडेंस दर्ज करें। इसके बावजूद विद्यालय समय से पहले बंद मिलने से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
बीआरसी ने दिए जांच के निर्देश
मामले की जानकारी मिलने पर बीआरसी आशीष कंचन ने कहा कि इस मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक निर्धारित समय से पहले विद्यालय बंद कर चले गए हैं, तो इसकी जानकारी संकुल प्राचार्य से लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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संकुल प्राचार्य ने दी यह सफाई
संबंधित संकुल प्राचार्य ने बताया कि विद्यालय के एक शिक्षक के बच्चे की तबीयत अचानक खराब होने के कारण उन्हें जाना पड़ा। वहीं, दूसरी शिक्षिका अवकाश पर थीं। हालांकि, इस स्पष्टीकरण के बाद भी यह सवाल बना हुआ है कि विद्यालय को समय से पहले बंद करने की अनुमति किसने दी और विद्यार्थियों की जिम्मेदारी किसके पास थी।
ग्रामीणों ने लगाए नियमित लापरवाही के आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। उनके अनुसार, विद्यालय में अक्सर निर्धारित समय से पहले ताला लगा दिया जाता है और शिक्षक शाम 4 बजे तक नहीं रुकते। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और शासन की मंशा के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था संचालित नहीं हो पा रही है।
जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है।
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