
गुना/ मोहित सोनी: जिले में मच्छरजनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला स्वास्थ्य समिति ने मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के लिए विशेष जनजागरूकता अभियान शुरू किया है। ‘मलेरिया नियंत्रण-सबकी जिम्मेदारी, सबकी भागीदारी’ थीम पर चल रहे इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर नागरिकों को बचाव के उपायों की जानकारी दे रही हैं और उन्हें सतर्क रहने की अपील कर रही हैं।
घर-घर पहुंचकर दे रहे बचाव के टिप्स
अभियान के दौरान स्वास्थ्यकर्मी लोगों को बता रहे हैं कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर मलेरिया और डेंगू जैसी गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। टीम लोगों को घरों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, कूलर, गमले, टंकियों और अन्य स्थानों पर पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दे रही है। साथ ही सप्ताह में कम से कम एक बार जमा पानी खाली करने पर जोर दिया जा रहा है।
मच्छरों से बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
स्वास्थ्य विभाग नागरिकों से रात में मच्छरदानी का उपयोग करने, पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने और घरों की खिड़कियों-दरवाजों पर जालियां लगाने की अपील कर रहा है। इसके अलावा जलभराव वाले स्थानों पर मिट्टी का तेल या जला हुआ इंजन ऑयल डालने तथा शाम के समय नीम की पत्तियों का धुआं करने की भी सलाह दी जा रही है।
सरकारी अस्पतालों में निशुल्क जांच और इलाज
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, सर्दी, कंपकंपी, सिरदर्द, बदन दर्द या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें तो वह बिना देरी किए नजदीकी शासकीय अस्पताल में जांच कराए। विभाग के अनुसार मलेरिया और डेंगू की जांच एवं उपचार की सुविधा जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध है।
जनभागीदारी से ही मिलेगी सफलता
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय सहयोग करें और अपने घरों व आसपास के क्षेत्र को साफ सुथरा रखें। विभाग का कहना है कि मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों पर नियंत्रण तभी संभव है, जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाए और मच्छरों के पनपने वाले स्थानों को खत्म करने में योगदान दे।
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