
भोपाल। एक कार्यक्रम के दौरान उस समय रोचक माहौल बन गया, जब एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से कहा, “मैं चोर खेड़ी गांव से आया हूं।” गांव का नाम सुनते ही मुख्यमंत्री मुस्कुरा पड़े। इसके बाद उन्होंने ऐसे नामों को बदलने की प्रक्रिया भी समझाई और कहा कि यदि स्थानीय लोग और ग्राम पंचायत प्रस्ताव भेजें, तो नियमानुसार नाम परिवर्तन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
इन्फ्लुएंसर ने गांव के नाम को लेकर रखी बात
कार्यक्रम में इन्फ्लुएंसर ने अपने गांव चोर खेड़ी के नाम का जिक्र करते हुए इसे बदलने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में प्रतिक्रिया दी और बताया कि किसी भी गांव का नाम बदलने के लिए तय प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन करना होता है।
सीएम ने समझाई नाम बदलने की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि ग्राम पंचायत प्रस्ताव पारित कर संबंधित प्रशासन के माध्यम से शासन को भेजती है, तो नियमों के अनुसार उस पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि स्थानीय सहमति और निर्धारित प्रक्रिया के बाद ही नाम परिवर्तन संभव होता है।
पहले भी बदल चुके हैं कई स्थानों के नाम
मध्य प्रदेश में इससे पहले भी कई गांवों और पंचायतों के नाम बदले जा चुके हैं। हाल के वर्षों में राज्य सरकार ने विभिन्न स्थानों के नाम बदलने की घोषणाएं की हैं, जिनका उद्देश्य स्थानीय भावनाओं और प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुरूप नए नाम निर्धारित करना बताया गया है।
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