
टीकमगढ़।दित्यपाल राजपूत |मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के पलेरा स्थित संगम सीएलएफ (Cluster Level Federation) से जुड़े आजीविका मिशन के अधिकारियों पर स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। महिलाओं का कहना है कि उनकी शिकायतों का निराकरण किए बिना ही उन्हें बंद कर दिया गया। साथ ही आरोप है कि शिकायतकर्ताओं से संपर्क तक नहीं किया गया।
महिलाओं ने लगाए अनियमितता और मनमानी के आरोप
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि संगम सीएलएफ पलेरा में पिछले कई वर्षों से कार्यरत मिशन प्रबंधक और संबंधित अधिकारियों द्वारा मनमाने तरीके से काम किया जा रहा है। उनका दावा है कि स्व-सहायता समूह की महिलाओं को योजनाओं का लाभ दिलाने में अनावश्यक परेशान किया जाता है।
बीज वितरण और ऋण प्रक्रिया पर भी उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि आजीविका मिशन के माध्यम से किसानों को किए गए बीज वितरण में वास्तविक पात्र किसानों को लाभ नहीं मिला। इसके अलावा, स्व-सहायता समूह की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मिलने वाले ऋण वितरण में भी अनियमितता और कथित लेन-देन के आरोप लगाए गए हैं।
सीएम हेल्पलाइन शिकायतें बिना निराकरण बंद करने का दावा
अवंतीबाई स्व-सहायता समूह की ओर से आरोप लगाया गया है कि मामले में कई बार सीएम हेल्पलाइन और जिला प्रशासन के समक्ष शिकायत की गई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि शिकायत संख्या 37505678, 37505619, 37611595, 36692358 और 36692276 का निराकरण किए बिना ही उन्हें फोर्स क्लोज कर दिया गया। उनका दावा है कि किसी भी अधिकारी ने शिकायतकर्ताओं से संपर्क नहीं किया।
जांच और कार्रवाई की मांग
महिलाओं ने कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और जिला आजीविका मिशन प्रबंधक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है।
नोट: यह समाचार शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष या आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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