
बारिश के मौसम के बीच बढ़ी उमस और बदलते मौसम का असर अब लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। ग्वालियर में पिछले छह दिनों के दौरान अस्पतालों की ओपीडी में 20 हजार से ज्यादा मरीज पहुंच चुके हैं। बड़ी संख्या में मरीज सर्दी-जुकाम, बुखार, वायरल संक्रमण और मौसम से जुड़ी अन्य बीमारियों की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
अधिक सावधानी बरतने की सलाह
बारिश के बाद वातावरण में बढ़ी नमी और उमस के कारण मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने से ओपीडी और जांच केंद्रों पर भीड़ दिखाई दे रही है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को बदलते मौसम में अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
मलेरिया जैसी बीमारियों को लेकर भी चिंता
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश और उमस के दौरान वायरल संक्रमण, बुखार, सर्दी-खांसी, पेट संबंधी बीमारियों और मच्छरजनित रोगों का खतरा बढ़ सकता है। जलभराव वाले क्षेत्रों में मच्छरों की संख्या बढ़ने से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
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खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें
अस्पतालों में बढ़ती मरीजों की संख्या ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ा दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि लोग साफ पानी का सेवन करें, आसपास पानी जमा न होने दें और बुखार या अन्य लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें।
लक्षणों को नजरअंदाज न करने की अपील
मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मौसम और मौसमी परिस्थितियों के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति सामने आती रही है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों से सावधानी बरतने और बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज न करने की अपील की जा रही है।
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