
दमोह/ आकिब खान: वन अधिकारों और स्थानीय समस्याओं को लेकर सोमवार को मड़ियादो क्षेत्र में आदिवासी समाज के सैकड़ों महिला-पुरुषों ने जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी प्रदीप खटीक के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने कलकुआं से मड़ियादो तक करीब 10 किलोमीटर की पदयात्रा निकाली। इसके बाद मड़ियादो स्थित वन विभाग के बफर परिक्षेत्र कार्यालय का घेराव किया गया।
पदयात्रा में आसपास के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में आदिवासी शामिल हुए। प्रदर्शनकारी वन अधिकारों, वन विभाग की कार्रवाई, केन-बेतवा लिंक परियोजना और स्थानीय समस्याओं को लेकर अपनी मांगें उठा रहे थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वन विभाग द्वारा पारंपरिक जंगल मार्गों को बंद किया जा रहा है और वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के नाम पर वर्षों से खेती कर रहे आदिवासी परिवारों को बेदखल किया जा रहा है।
वन विभाग कार्यालय पहुंचकर की नारेबाजी
पदयात्रा के मड़ियादो स्थित वन विभाग कार्यालय पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने घेराव कर नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ प्रदर्शनकारी कार्यालय परिसर के अंदर भी पहुंच गए। इस दौरान वनकर्मियों के साथ कहासुनी और अभद्रता की स्थिति बनने की जानकारी सामने आई।
स्थिति बिगड़ती देख थाना प्रभारी प्रीति पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर कार्यालय से बाहर कराया। इस दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी द्वारा एक वनकर्मी का मोबाइल अपने कब्जे में लेने और वन परिक्षेत्र अधिकारी जेपी मिश्रा को मौके पर बुलाने की मांग किए जाने की बात भी सामने आई। पुलिस और स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद मोबाइल वापस कराया गया।
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मड़ियादो जटाशंकर मार्ग पर कुछ देर चक्काजाम
प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मड़ियादो-जटाशंकर मार्ग पर कुछ समय के लिए चक्काजाम भी किया। इससे सड़क पर यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम समाप्त किया, जिसके बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी।
बाद में मड़ियादो बस स्टैंड पर सभा आयोजित की गई। कांग्रेस नेता प्रदीप खटीक ने सरकार पर आदिवासियों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के वन अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। वहीं एकता परिषद के अध्यक्ष शुजात खान ने कविता के माध्यम से आदिवासी समाज की समस्याओं और संघर्ष को सामने रखा।
14 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर रखीं मांगें
सभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार उमेश तिवारी को 14 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इसमें वन अधिकार अधिनियम के तहत निरस्त पट्टों की बहाली, पात्र आदिवासियों को नए पट्टे देने, बेदखली पर रोक लगाने, बंद रास्ते खोलने, वनोपज खरीदी केंद्र शुरू करने, गरीब परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल करने और दूरस्थ गांवों में जनसुनवाई शिविर लगाने जैसी मांगें शामिल हैं।
इसके अलावा गोचर भूमि पर लगाए गए तार हटाने, श्मशान घाटों तक रास्ता खोलने, घरेलू उपयोग के लिए सूखी लकड़ी लेने की अनुमति देने और मड़ियादो में राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा खोलने की मांग भी ज्ञापन में रखी गई।
तहसीलदार उमेश तिवारी ने प्रदर्शनकारियों को उनकी मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने मंगलवार को मड़ियादो उप तहसील कार्यालय में जनसुनवाई आयोजित कर समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि एक महीने के भीतर मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
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