
मैहर/देवेश शर्मा की रिपोर्ट: मध्य प्रदेश सरकार जहां सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे कर रही है, वहीं मैहर शहर के सबसे बड़े शासकीय संदीपनी विद्यालय की बदहाल व्यवस्था इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। विद्यालय में बिजली और पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने से सैकड़ों छात्र-छात्राएं भीषण गर्मी और उमस के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
विद्यालय में स्थायी बिजली कनेक्शन नहीं होने के कारण कक्षाओं के पंखे बंद पड़े हैं। गर्मी और उमस के चलते बच्चे पसीने से तरबतर होकर पढ़ाई कर रहे हैं। कई विद्यार्थियों ने चक्कर आने, सिरदर्द और बेचैनी जैसी समस्याओं की शिकायत भी की है। वहीं पेयजल व्यवस्था प्रभावित होने से प्यास लगने पर भी छात्रों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार भवन निर्माण पूरा होने के बाद निर्माण एजेंसी द्वारा अस्थायी बिजली कनेक्शन हटा दिया गया था। इसके बाद से स्थायी बिजली कनेक्शन के लिए प्रक्रिया जारी है, लेकिन 6 लाख 19 हजार रुपये की अमानत राशि पीआईयू (PIU) स्तर से जमा नहीं होने के कारण नया बिजली कनेक्शन जारी नहीं हो पा रहा है। इसी वजह से पूरा विद्यालय बिजली संकट का सामना कर रहा है। विद्यालय प्रशासन का कहना है कि संबंधित विभाग को कई बार इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकल पाया है। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
अभिभावकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने विद्यालय में यदि केवल प्रशासनिक प्रक्रिया और 6.19 लाख रुपये की राशि के कारण बच्चों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है, तो यह व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि स्थायी बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया तत्काल पूरी कराई जाए और विद्यालय में पेयजल सहित सभी आवश्यक सुविधाएं जल्द उपलब्ध कराई जाएं, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
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