
गुना/मोहित सोनी की खबर: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा घोषित NEET 2026 के परीक्षा परिणामों में गुना जिले के राघोगढ़ तहसील अंतर्गत ग्राम गाड़रवरा के छात्र शिवप्रताप यादव ने शानदार सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। शिवप्रताप ने बिना किसी कोचिंग संस्थान की मदद के अपनी मेहनत और ऑनलाइन संसाधनों के दम पर मेडिकल प्रवेश परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
545 अंक के साथ हासिल की ऑल इंडिया रैंक 41,248
शिवप्रताप यादव ने NEET परीक्षा में कुल 720 अंकों में से 545 अंक प्राप्त किए हैं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 41,248 और कैटेगरी रैंक 12,248 हासिल की है। उनके इस प्रदर्शन से MBBS में प्रवेश की उम्मीद मजबूत हुई है।
शिवप्रताप ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा एमपी बोर्ड के एसएल मेमोरियल स्कूल, गुना से पूरी की। उनकी यह सफलता चार वर्षों की लगातार मेहनत, अनुशासन और सही रणनीति का परिणाम है।
बिना कोचिंग घर से की तैयारी
शिवप्रताप ने बताया कि उन्होंने किसी भी कोचिंग संस्थान में प्रवेश नहीं लिया। उन्होंने घर पर रहकर ऑनलाइन माध्यमों से अपनी तैयारी पूरी की। विभिन्न शिक्षण संस्थानों की ऑनलाइन टेस्ट सीरीज, डिजिटल स्टडी मटेरियल और नियमित अभ्यास को उन्होंने अपनी सफलता का आधार बनाया।
11 से 12 घंटे की पढ़ाई और रात का अनुशासन
अपनी सफलता का राज बताते हुए शिवप्रताप ने कहा कि उन्होंने पढ़ाई के लिए रोजाना 11 से 12 घंटे का समय निर्धारित किया। उनका मानना था कि रात के समय शांति और एकाग्रता अधिक मिलती है, इसलिए उन्होंने देर रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक नियमित अध्ययन किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्य को पाने के लिए निरंतर मेहनत और सही दिशा में प्रयास करना बेहद जरूरी है।
पिता के सहयोग को बताया सफलता की ताकत
शिवप्रताप यादव ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता मनोज यादव को दिया। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया और कठिन परिस्थितियों में भी उनका साथ नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा, “यह मेरा सपना था, जिसे मैंने हमेशा प्राथमिकता दी। मेरी सफलता में मेरे पिताजी का सबसे बड़ा योगदान है, जिन्होंने हर परिस्थिति में मेरा साथ दिया।”
किसान पिता ने नहीं बनाया पढ़ाई का दबाव
शिवप्रताप के पिता मनोज यादव पेशे से किसान हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में सफलता नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने बेटे पर कभी दबाव नहीं बनाया, बल्कि लगातार उसे प्रोत्साहित किया। उन्होंने अन्य अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को समय और सही मार्गदर्शन देना चाहिए। अनावश्यक दबाव बनाने के बजाय उनका आत्मविश्वास बढ़ाना जरूरी है। शिवप्रताप यादव की सफलता ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है। उनकी मेहनत और आत्मविश्वास ने साबित किया है कि सही रणनीति और दृढ़ संकल्प के साथ बिना महंगी कोचिंग के भी बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
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