
बीना।मनीष कुमार चौबे| सागर जिले के बीना में सिंधी समाज के प्रमुख धार्मिक पर्व श्री झूलेलाल चालीहा महोत्सव का रविवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ शुभारंभ हुआ। श्री गुरुनानक झूलेलाल मंदिर में अखंड ज्योति प्रज्वलित कर 40 दिवसीय आराधना, तप और सेवा के इस महापर्व की शुरुआत की गई। यह महोत्सव 29 अगस्त तक चलेगा, जिसमें श्रद्धालु भगवान झूलेलाल की भक्ति और सेवा में जुटे रहेंगे।
अखंड ज्योति के साथ हुआ महोत्सव का शुभारंभ
पूज्य सिंधी पंचायत, बीना के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में समाज के अध्यक्ष संतोष कुमार वाधवानी, कंचन वाधवानी और कार्यकारिणी के सदस्यों ने दीप प्रज्वलित किया। आनंदपुर कुटिया की बाइजी ने चालीहा महोत्सव की अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित की। इस अवसर पर कर सलाहकार मुकेश कुमार रोहड़ा और राकेश कुमार जगवानी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान भगवान झूलेलाल का पंचामृत स्नान और विशेष अभिषेक किया गया। मंदिर परिसर ‘जय झूलेलाल’ के जयकारों से गूंज उठा। महिला और पुरुष श्रद्धालु भक्ति भजनों पर झूमते नजर आए। इस वर्ष समाज के करीब 48 श्रद्धालुओं ने चालीहा व्रत का संकल्प लिया है।
40 दिनों तक निभाए जाते हैं विशेष नियम
सिंधी समाज के सोनू महाराज ने बताया कि चालीहा व्रत के दौरान श्रद्धालु पूरे 40 दिनों तक नंगे पैर रहते हैं और भूमि पर शयन करते हैं। कई व्रतधारी इस अवधि में बाल और दाढ़ी भी नहीं कटवाते। साथ ही सात्विक जीवन, संयम, ब्रह्मचर्य और सेवा का पालन किया जाता है। समाज की मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और तपस्या से परिवार में सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
आठवें वर्ष में पहुंचा चालीहा महोत्सव
बीना में आयोजित यह चालीहा महोत्सव इस वर्ष अपने आठवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। महोत्सव के दौरान प्रतिदिन सुबह और शाम विशेष आरती, कथा, भजन, सत्संग और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहेगा।
29 अगस्त को होगा बहराणा साहिब विसर्जन
पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष संतोष कुमार वाधवानी ने बताया कि 40 दिनों की साधना पूर्ण होने के बाद 29 अगस्त को भगवान झूलेलाल बहराणा ज्योत की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद पारंपरिक विधि-विधान से बहराणा साहिब का विसर्जन किया जाएगा। कार्यक्रम में सिंधी समाज के पदाधिकारियों, मातृशक्ति और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
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