
रीवा/ अरविंद तिवारी: दिल्ली के जंतर मंतर से उठी पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के समर्थन की आवाज अब रीवा तक पहुंच गई है। सोनम वांगचुक को जंतर मंतर से हटाए जाने के विरोध में रीवा में छात्रों, किसानों, अधिवक्ताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और नीट परीक्षा से जुड़े मामलों में पीड़ित छात्रों को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
संभागायुक्त कार्यालय के सामने हुआ प्रदर्शन
प्रदर्शनकारी संभागायुक्त कार्यालय के सामने एकत्रित हुए और धरना देकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में छात्रों, किसान संगठनों, अधिवक्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शिक्षा सुधार और नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठाने वाले सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाया जाना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने की कोशिश पर भी सवाल उठाए।
NEET पीड़ित छात्रों को न्याय दिलाने की मांग
धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने नीट परीक्षा से जुड़े मामलों में प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की। उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बेहद जरूरी है, क्योंकि लाखों छात्र वर्षों की मेहनत के बाद इन परीक्षाओं में शामिल होते हैं।
प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग की।
मांगें नहीं मानी तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। हालांकि, धरना प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता एवं किसान नेता शिव सिंह ने भी प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।
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