
भिंड/रामपाल सिंह कुशवाह: ओबीसी महासभा मध्यप्रदेश ने पिछड़ा वर्ग के लंबित आरक्षण संबंधी मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपते हुए 13 प्रतिशत होल्ड आरक्षण समाप्त कर 27 प्रतिशत आरक्षण पूर्ण रूप से लागू करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशव्यापी लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा।
जिला अध्यक्ष मनोज कुशवाह के नेतृत्व में सौंपे गए मांगपत्र में कहा गया कि वर्ष 2019 से 13 प्रतिशत होल्ड आरक्षण का मामला न्यायालय में लंबित है। इसके कारण पिछड़ा वर्ग के हजारों अभ्यर्थी शासकीय नौकरियों में नियुक्ति से वंचित हैं, जिससे युवाओं में निराशा और असंतोष का माहौल है। संगठन ने सरकार से न्यायालय में प्रभावी पैरवी कर जल्द समाधान सुनिश्चित करने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि पिछड़ा वर्ग को उसकी जनसंख्या के अनुपात में संवैधानिक अधिकार और प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। साथ ही लंबित न्यायिक प्रकरणों के दौरान भी आर्थिक आधार पर आरक्षण की तर्ज पर पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति का लाभ दिए जाने की मांग की गई।
ओबीसी महासभा ने अपने मांगपत्र में चार प्रमुख मांगें रखीं। इनमें 13 प्रतिशत होल्ड आरक्षण समाप्त कर 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करते हुए लंबित भर्तियों में नियुक्तियां देना, पिछड़ा वर्ग विरोधी कार्यशैली अपनाने का आरोप लगाते हुए महाधिवक्ता प्रशांत सिंह को पद से हटाना, लंबित प्रकरणों के दौरान पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति का लाभ देना तथा वर्तमान जातिगत जनगणना में सामाजिक एवं अन्य आवश्यक आंकड़ों को भी प्राथमिकता से शामिल करना शामिल है। जिला अध्यक्ष मनोज कुशवाह ने कहा कि यदि सरकार इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो ओबीसी महासभा पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करेगी।
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- 13% होल्ड आरक्षण खत्म कर 27% OBC आरक्षण लागू करने की मांग, ओबीसी महासभा ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन










