
जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच हुई कार्रवाई के बाद विवाद गहरा गया है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि शांतिपूर्ण धरने के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसमें कई छात्र घायल हुए। वहीं पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।
छात्र संगठनों ने लगाए बल प्रयोग के आरोप
प्रदर्शनकारी छात्रों और छात्र संगठनों का दावा है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे थे। उनका आरोप है कि प्रदर्शन समाप्त कराने के दौरान पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिससे कई छात्र घायल हो गए। घटना के बाद विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कही
पुलिस का कहना है कि मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई नियमानुसार की गई।
शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी पर उठे सवाल
घटना के बाद कुछ विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की नैतिक जिम्मेदारी का मुद्दा भी उठाया है। उनका कहना है कि छात्रों से जुड़े मामलों में संवाद और समाधान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
जांच और जवाबदेही की मांग
घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। कई संगठनों ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
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