
शिक्षा व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार और रोजगार के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक करने वालों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई का भरोसा देते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाने की घोषणा की है। हालांकि, इसके बावजूद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल अपनी मांगों पर कायम हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
PM मोदी ने कहा-पेपर लीक करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ जल्द और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने ऐसे मामलों की जल्द सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्णय लिया है।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों और पदाधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
राहुल गांधी ने दोहराईं छात्रों की तीन मांगें
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान मौजूदा व्यवस्था ने पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था को कमजोर होने दिया गया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को संरक्षण मिला।
राहुल गांधी ने छात्रों की तीन प्रमुख मांगें दोहराईं। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाना, छात्रों से माफी मांगना और छात्रों के खिलाफ कथित हिंसा करने वालों पर कार्रवाई शामिल है।
कांग्रेस बोली-संसद में बहस से बच रहे प्रधानमंत्री
कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह संसद में खड़े होकर गंभीर बहस में शामिल होने से बच रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों का जवाब संसद में दिया जाना चाहिए।
प्रियंका गांधी ने कहा-छात्रों का सिस्टम से भरोसा टूटा
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्रों और बच्चों का व्यवस्था से भरोसा टूट चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब छात्रों को सिस्टम पर भरोसा नहीं है, तो उसी सिस्टम की ओर से दिया गया समाधान वे कैसे स्वीकार करेंगे।
प्रियंका गांधी ने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में छात्रों की चिंता करती है, तो पहले उनकी बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को भरोसा बहाल करने की दिशा में पहला कदम बताया।
विपक्ष की मांग-शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा
पेपर लीक विवाद को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दल लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वहीं सरकार की ओर से पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई और फास्ट ट्रैक कोर्ट की बात कही गई है।
ऐसे में प्रधानमंत्री के सख्त ऐलान के बाद भी विपक्ष के रुख में बदलाव नहीं आया है। अब यह मुद्दा संसद और सड़क दोनों जगह राजनीतिक टकराव का केंद्र बनता जा रहा है।
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- Opposition Sticks To Demand For Education Minister Dharmendra Pradhan Resignation Over NEET Paper Leak













